Publish Date: Wed, 29 Apr 2026 (10:38 IST)
Updated Date: Wed, 29 Apr 2026 (12:55 IST)
उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बहुप्रतीक्षित 'गंगा एक्सप्रेस वे' का उद्घाटन किया। मेरठ से प्रयागराज तक फैला 594 किलोमीटर लंबा यह हाई-स्पीड कॉरिडोर राज्य की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा और आर्थिक विकास को तेज़ करेगा।
यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से सीधे जोड़ेगा, जिससे औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स, कृषि विपणन और क्षेत्रीय संतुलन को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी सुधार होगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री का आज कार्यक्रम हरदोई में तय है, जहां पर 11.15 मिनट पर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे, यूपीडा की प्रदर्शनी को भी निहारते हुए यानी अवलोकन करके पौधरोपण करेंगे और एक जनसभा को संबोधित भी करेंगे।
क्या है इस एक्सप्रेस वे में खास
यह एक्सप्रेसवे कुल 12 जिलों—मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज—को सीधे जोड़ता है। 120 किमी प्रति घंटे की डिज़ाइन स्पीड के कारण यात्रा समय में काफी कमी आएगी और सफर अधिक सुरक्षित व सुविधाजनक होगा। साथ ही, माल ढुलाई सस्ती और तेज़ होने से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल (DBFOT) पर विकसित किया गया है। अभी इसे 6 लेन में बनाया गया है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। आधुनिक निर्माण तकनीक और सुरक्षा मानकों के कारण यह देश के उन्नत एक्सप्रेसवे में गिना जाएगा।
एक्सप्रेसवे की खासियतों में शाहजहांपुर के पास 3.2 किमी लंबी एयरस्ट्रिप शामिल है, जहां आपातकालीन स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकते हैं। इसके अलावा, पूरे मार्ग पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS), सीसीटीवी, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
इसके किनारे विकसित किए जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) औद्योगिक विकास को नई गति देंगे। यहां वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और लॉजिस्टिक्स हब बनाए जाएंगे। सरकार की ओर से दी जा रही सब्सिडी और प्रोत्साहन योजनाएं निवेशकों को आकर्षित करेंगी, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा।
गंगा एक्सप्रेसवे को प्रदेश के अन्य प्रमुख एक्सप्रेसवे—पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक—से भी जोड़ा जाएगा। इससे उत्तर प्रदेश में एक मजबूत और व्यापक एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार होगा, जो परिवहन और व्यापार दोनों को नई गति देगा।
यह परियोजना न केवल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि किसानों को बेहतर बाजार, उद्योगों को बेहतर लॉजिस्टिक्स और युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगी। कुल मिलाकर, यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
edited by : Nrapendra Gupta