Publish Date: Friday, 30 January 2026 (17:42 IST)
Updated Date: Friday, 30 January 2026 (01:44 IST)
गाजियाबाद। श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर और डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद गिरि ने एक बार फिर से विवादित टिप्पणी करके सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को कटघरे में खड़ा किया है। उनका यह वीडियो ट्विटर पर वायरल होने के बाद चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को 100 करोड़ हिदुओं का हत्यारा बताते हुए हिन्दूविरोधी और हिन्दू दुर्दशा का कारण माना है। उनका कहना है कि महात्मा गांधी के कारण ही महात्मा और संत जेल की सलाखों में जा रहे हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक 13 जुलाई 2022 को यति नरसिंहानंद का ट्विटर पर एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो द्वारा उन्होंने महात्मा गांधी पर हिन्दुओं के नरसंहार का आरोप लगाते कहा है कि हम पूरे भारत में अभियान चलाने वाले हैं कि महात्मा गांधी ने 100 करोड़ हिन्दुओं की हत्या करवा दी और भारत पर मुसलमानों का अधिकार करवा दिया।
पुलिस दरोगा रामसेवक की तहरीर पर गाजियाबाद मसूरी थाने पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमे में लिखा गया है कि 13 जुलाई रात्रि करीब 11 बजकर 8 मिनट पर 2 मिनट 20 सेकंड का वीडियो ट्विटर पर वायरल हुआ। इसमें यति नरसिंहानंद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं।
पुलिस ने राष्ट्रपिता पर अमर्यादित व अभद्र टिप्पणी के लिए आईपीसी की धारा 153 ए (2) और 505 (2) के तहत केस दर्ज किया है। इस केस में झूठ बोलकर 2 समुदायों के बीच नफरत फैलाने की धारा भी लगाई गई है। एसपी ग्रामीण ईरज रजा का कहना है कि इस वीडियो की जांच की जा रही है और जांच की सत्यता के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो में यति नरसिंहानंद राष्ट्रपिता पर दिए गए बयान को सही मानते हैं। उनका कहना है कि महात्मा गांधी, कांग्रेस और मुसलमानों का पाखंड है। यति नरसिंहानंद का कहना है कि 'राष्ट्रपिता' की उपाधि उन्हें किसने दी है, वे देश के राष्ट्रपिता कैसे हैं? जिसे गांधी को अपना पिता मानना है, माने, हम पर न थोपें कि वे राष्ट्रपिता हैं। देश के लोगों को जागरूक करने के लिए वे एक अभियान चलाएंगे जिसमें 1 लाख लोगों के हस्ताक्षर होंगे जिसके माध्यम से वे बताएंगे कि हिन्दुओं की दुर्दशा का कारण महात्मा गांधी हैं।
उन्होंने वीडियो में यह भी कहा कि जो लोग फांसी चढ़ गए और कालापानी में रहे हैं, वे आजादी के नायक हैं। हमारे संविधान में राष्ट्रपिता की कोई उपाधि है ही नहीं।
यति नरसिंहानंद का विवादों से पहले भी नाता रहा है। वे अक्सर मुसलमानों के खिलाफ भड़काऊ बातें बोलते रहे हैं। कुछ समय पहले हरिद्वार धर्म संसद में मुस्लिमों के लिए भड़काऊ भाषण दिया था जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। पैगंबर साहब पर नूपुर शर्मा के विवादित बयान का उन्होंने समर्थन किया था जिसके चलते पुलिस ने उन्हें नजरबंद किया गया था।