Publish Date: Sat, 10 Oct 2020 (17:32 IST)
Updated Date: Sat, 10 Oct 2020 (17:36 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार सुबह 11 बजे संपत्ति कार्ड योजना की शुरुआत करेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह आयोजन होगा। आयोजन से जुड़ने के लिए सरकार की तरफ से एक लिंक जारी की गई है, जहां से रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है।
सरकार के अनुसार यह पहली बार है कि लाखों ग्रामीण संपत्ति मालिकों के लाभ के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री कुछ लाभार्थियों से बातचीत भी करेंगे।
आइए जानते हैं आखिर क्या है संपत्ति कार्ड या स्वामित्व योजना।
स्वामित्व योजना (SVAMITVA scheme): प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने इसे ग्रामीण भारत में बदलाव लाने वाली ऐतिहासिक पहल बताया है। इस योजना में मालिकों को उनकी संपत्ति के मालिकाना हक के रिकॉर्ड से जुड़े कार्ड भौतिक तौर उपलब्ध कराए जाएंगे।
सरकार की इस योजना से ग्रामीणों को अपनी जमीन और संपत्ति को एक वित्तीय संपत्ति के तौर पर इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी। इसके बदले में वे बैंकों से कर्ज और दूसरे वित्तीय फायदा उठा सकेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार इस कार्यक्रम की शुरूआत से करीब एक लाख संपत्ति मालिक अपनी संपत्ति से जुड़े कार्ड अपने मोबाइल फोन पर एसएमएस लिंक के जरिए डाउनलोड कर सकेंगे।
इसके बाद संबंधित राज्य सरकारों द्वारा संपत्ति कार्ड का भौतिक वितरण किया जाएगा। ये लाभार्थी 6 राज्यों के 763 गांवों से हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के 346, हरियाणा के 221, महाराष्ट्र के 100, मध्यप्रदेश के 44, उत्तराखंड के 50 और कर्नाटक के 2 गांव शामिल हैं।
एक दिन में मिल जाएगा कार्ड : महाराष्ट्र को छोड़कर इन सभी राज्यों के लाभार्थियों को एक दिन के भीतर अपने संपत्ति कार्ड की भौतिक रूप से प्रतियां प्राप्त होंगी। महाराष्ट्र में संपत्ति कार्डों के लिये कुछ राशि लिए जाने की व्यवस्था है, इसलिए इसमें एक महीने का समय लगेगा।