Publish Date: Thu, 02 Jul 2026 (13:17 IST)
Updated Date: Thu, 02 Jul 2026 (15:41 IST)
आयकर विभाग के नियमों के अनुसार, निर्धारित समय सीमा के बाद आइटीआर दाखिल करने पर करदाताओं को विलंब शुल्क देना होगा। यदि कर योग्य आय पांच लाख रुपए से अधिक है तो अधिकतम 5,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, 5 लाख रुपए तक की कर योग्य आय वाले करदाताओं को 1,000 रुपए विलंब शुल्क देना होगा।
ITR भरने की आसान स्टेप्स
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इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए e-Filing Portal पर लॉगिन करें।
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सही ITR Form चुनें।
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प्री-फिल्ड डेटा जांचें।
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आय और कटौतियां भरें।
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टैक्स का मिलान करें।
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Submit करके Aadhaar OTP/EVC से Verify करें।
ITR में किसे कौन सा फार्म भरना होगा?
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) का सही फॉर्म आपकी आय के स्रोत, कुल आय और टैक्सपेयर की श्रेणी पर निर्भर करता है। गलत ITR फॉर्म भरने पर रिटर्न अमान्य हो सकता है।
किसे 31 जुलाई तक दाखिल करना होगा रिटर्न
ये 31 अक्टूबर तक भर सकेंगे रिटर्न
जिन व्यापारियों और पेशेवरों के खातों का आडिट अनिवार्य नहीं है, उनके लिए आइटीआर-3 और आइटीआर-4 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है। वहीं जिन व्यापारियों और कंपनियों के खातों का आडिट जरूरी है, वे 31 अक्टूबर 2026 तक रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।
लेट ITR फाइल करने के अन्य नुकसान
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5,000 रुपए तक लेट फीस।
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बकाया टैक्स पर ब्याज।
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रिफंड मिलने में देरी।
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कुछ मामलों में नुकसान (Loss) अगले साल Carry Forward नहीं कर पाएंगे।
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बैंक लोन, वीजा और वित्तीय दस्तावेजों में दिक्कत।
बहरहाल सभी परेशानियों से बचने लिए लोगों को समय से पहले ही इनकम टैक्स रिटर्न भर देना चाहिए।
About Writer
नृपेंद्र गुप्ता
नृपेंद्र गुप्ता पिछले 21 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रिंट एवं डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य का अनुभव। वर्तमान में वेबदुनिया की न्यूज टीम में सहायक संपादक के रूप में कार्यरत हैं।
अनुभव : नृपेंद्र गुप्ता 2 दशक से ज्यादा समय से प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में कार्य....
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