Publish Date: Mon, 07 Mar 2022 (20:15 IST)
Updated Date: Mon, 07 Mar 2022 (22:06 IST)
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर आए एग्जिट पोल्स के अनुमानों के मुताबिक राज्य में भाजपा सरकार रिपीट हो रही है। अगर सभी चैनलों के एग्जिट पोल को एक साथ देखा जाए तो 403 विधानसभा सीटों वाले देश के सबसे राज्य उत्तर प्रदेश में भाजपा को 240 के करीब सीटें मिलने का अनुमान जताया जा रहा है। वहीं चुनाव में समाजवादी पार्टी को 140 सीटें मिलती हुई दिखाई दे रही है। वहीं बहुजन समाज पार्टी को 17 सीटें और कांग्रेस को 4-6 सीटें मिलने का अनुमान जताया जा रहा है।
अगर एग्जिट पोल के आंकड़े सहीं साबित होते है तो उत्तर प्रदेश में भाजपा को 2017 के मुकाबले करीब 100 सीटों का नुकसान उठाना पड़ रहा है लेकिन वह सरकार बचाने में सफल हो रही है। वहीं समाजवादी पार्टी अपने 2017 के प्रदर्शन को सुधारते हुए करीब 100 सीटों की बढ़त लेते हुई दिखाई दे रही है।
देश के सबसे राज्य में आखिर वह कौन से कारण रहे जिसके कारण भाजपा सत्ता में वापसी करती हुई दिखाई दी इसको समझने बेहद जरूरी हो गया है।
1-मुफ्त अनाज जैसे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर गेमचेंजर कार्ड-उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत का सबसे बड़ा कारण मुफ्त अनाज-मुफ्त मकान के साथ डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर गेमचेंजर फैक्टर रहा और वह चुनाव में भाजपा के लिए बड़ा गेमचेंजर साबित होता दिखाई दे रहा है।
उत्तर प्रदेश चुनाव में भाजपा ने अपना पूरा फोकस मोदी और योगी सरकार की लाभार्थी स्कीम पर किया। भाजपा ने कास्ट (जाति) के नेरेटिव को क्लास (वर्ग) के नेरेटिव में बदल दिया है। वहीं चुनाव से ठीक पहले योगी सरकार ने मुफ्त राशन के साथ खाद्य तेल, आयोडाइज्ड नमक, दाल और चना को भी जोड़ दिया जिसका सीधा असर वोटरों पर पड़ा।
2-लोअर OBC वोटर भाजपा के साथ-2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का सबसे बड़ा कारण OBC वोटरों का एकमुश्त भाजपा के साथ होना था। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा की सत्ता में वापसी का बड़ा कारण भाजपा के साथ नजर आना है। सियासी विश्लेषक मानते है कि भले ही ओबीसी वोटर का एक वर्ग भाजपा के साथ नजर आ रहा हो लेकिन चुनाव लोअर ओबीसी खासकर गैर जाटव वर्ग भाजपा के साथ नजर आया।
3-योगी सरकार की मजबूत छवि- उत्तर प्रदेश में भाजपा की वापसी का बड़ा कारण योगी सरकार की एक मजबूत छवि रही जो वोटरों को एक बड़े वर्ग को लुभाने में सफल रहा। पूरे चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार को एक मजबूत सरकार के तौर पर लोगों के सामने पेश किया जिसका असर सीधे वोटरों पर पड़ा। चुनाव के दौरान भाजपा ने राज्य की मबजूत कानून व्यवस्था, दंगा मुक्त उत्तर प्रदेश के नारे के साथ एक बड़े वोट बैंक को अपने साथ लेने में सफल रही।
4-मोदी-योगी की जोड़ी और डबल इंजन सरकार- उत्तर प्रदेश में भाजपा की वापसी का सबसे कारण मोदी और योगी की डबल इंजन वाली सरकार का भाजपा का नारा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने उत्तर प्रदेश चुनाव में दो दर्जन से अधिक सभाएं और रोड शो किया। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 179 चुनावी जनसभाएं और रोड शो कर अपनी सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाया।
5-भाजपा का मजबूत वोटर और टिकट वितरण- उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनने का प्रमुख कारण उसका मजबूत वोट बैंक का उसके साथ पूरी तरह ख़ड़े नजर आना है। भाजपा कार्यकर्ता जो पार्टी से नाराज बताया जा रहा था वह उसके साथ नजर आया। यूपी चुनाव शुरू होने से ठीक पहले संघ का पर्दे के पीछे सक्रिय होने से भाजपा कार्यकर्ता ठीक चुनाव के समय एक्टिव नजर आया जो भाजपा की सत्ता में वापसी का बड़ा कारण साबित हुआ। इसके साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा किसान वोट बैंक की काट के लिए जिस तरह जाट उम्मीदवारों को मैदान में उतारा उसके चलते भाजपा जाट वोटरों को अपने साथ लेने में सफल नजर आई।