Publish Date: Mon, 10 Dec 2018 (08:08 IST)
Updated Date: Mon, 10 Dec 2018 (08:11 IST)
हैदराबाद। एग्जिट पोल के त्रिशंकु परिणाम के अनुमान के बाद तेलंगाना की राजनीति करवट बदल रही है है। एक ओर जहां टीआरएस की तरफ भाजपा ने दोस्ताना हाथ बढ़ाया है तो दूसरी ओर कांग्रेस ने कट्टरपंथी कहे जाने वाले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को लुभावना ऑफर दिया है। इस बीच औवेसी ने कहा कि टीआरएस पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बना रही है, हमें रिजल्ट का इंतजार करना चाहिए। मैं प्रजा कुटमी (टीडीपी, कांग्रेस समेत चार दलों का गठबंधन) में शामिल होने के कांग्रेस के न्योते पर कुछ नहीं बोलना चाहूंगा।
कांग्रेस नेता जीएन रेड्डी ने कहा, 'हमारे देश में कोई भी राजनीतिक पार्टी हमेशा के लिए दोस्त या दुश्मन नहीं है। 11 दिसंबर को नतीजे के बाद यदि टीआरएस बीजेपी के साथ जाती है तो एआईएमआईएम चाहे तो हमारे साथ (कांग्रेस) नाव पर सवार हो सकती है।'
इससे पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के. लक्ष्मण के कहा था, 'अगर तेलंगाना में त्रिशंकु विधानसभा बनी तो उनकी पार्टी सरकार बनाने के लिए टीआरएस का साथ देगी। बीजेपी ऐसी सरकार को समर्थन करना चाहती है जिसमें कांग्रेस और एआईएमआईएम न हो।'
लक्ष्मण ने कहा, 'तेलंगाना में बिना बीजेपी की मदद के कोई सरकार नहीं बन सकती है। यदि प्रदेश में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता हो तो बीजेपी सरकार का हिस्सा होगी। हमलोग कांग्रेस या एआईएमआईएम को बिल्कुल सपॉर्ट नहीं करेंगे, लेकिन दूसरे विकल्प जरूर खुले हैं।'
इस बीच, टीआरएस के प्रवक्ता भानु प्रसाद ने कांग्रेस या बीजेपी की गठबंधन के प्रस्तावों पर साफ किया कि उनकी पार्टी को अकेले दम पर राज्य में बहुमत आएगा और वह किसी से गठजोड़ नहीं करने वाली है। (एजेंसी)