Hanuman Chalisa

नागपंचमी पर इस प्रसाद से लगाएं भोलेनाथ को भोग

Webdunia
Churma Recipe
 
इस नागपंचमी पर बनाएं पारंपरिक शाही मीठा चूरमा। भगवान शिव और नागदेवता प्रसन्न होकर देंगे आशीष...


सामग्री : 
 
आटा 500 ग्राम, 400 ग्राम पिसी चीनी (बूरा), 100 ग्राम मावा, 100 ग्राम मिश्री, 1/2 चम्मच केसर, 2 चम्मच पिसी छोटी इलायची, पाव कप पिस्ता, घी आवश्यकतानुसार, 1 चम्मच गुलाब जल।
 
 
विधि
 
* पारंपरिक व्यंजन चूरमा-लड्‍डू बनाने के लिए सबसे पहले गेहूं के आटे में घी का अच्छा मोयन देकर कड़ा सान लें।
 
* फिर इसकी मुठियां बना लें। 
 
* एक कड़ाही में घी गर्म करके बादामी तल लें। 
 
* तत्पश्चात इन्हें हाथ से मसल कर बारीक कर लें, फिर मोटी चलनी से छान लें। अगर हाथ से नहीं मसल सकते तो इमाम दस्ते में कूटकर छान लें। शेष बचे मोटे टुकड़ों को फिर से कूटकर छान लें। 
 
* अब पिस्ता उबलते पानी में 2-3 मिनट रखकर निकाल लें। इन्हें छीलकर लंबे-लंबे महीन काट लें। मिश्री को दरदरा कर लें।
 
* केसर को गुलाब जल में घोटकर चीनी में मिला दें। 
 
* मावे को मोटी चलनी से छानकर, मंदी आंच पर गुलाबी होने तक सेक लें। 
 
* फिर इसमें गर्म करके ठंडा किया हुआ (100 ग्राम) घी मिला दें। 
 
* अब छने हुए मुठियां (आटे का तैयार किया हुआ मुठियां का बुरा) में मावा, चीनी, पिसी इलायची व पिस्ता की कतरन मिला दें। 
 
अब तैयार हो गया आपका पारंपरिक शाही मीठा चूरमा, यदि चाहें तो लड्डू बांध लें या चूरमे को ऐसे ही परोसें।
 
- आरके.

ALSO READ: Traditional Dish : खस्ता बाटी-बाफला बनाने के 15 टिप्स

ALSO READ: दाल-बाटी, चूरमा से लगाएं नागदेवता को भोग, देंगे शुभाशीष, पढ़ें विधि

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

भरपूर लाभ के लिए रोज करें मंडूकासन; जानिए इसे करने का सही तरीका

पिंडली के दर्द से छुटकारा पाने के 5 कारगर तरीके जानें

jharkhand recipe: झारखंड का पारंपरिक पकवान ओकोपोको, जानिए कैसे बनता है यह व्यंजन

जब रास्ते बंद दिखें… समझ लो किस्मत नया दरवाज़ा खोल रही है

ताड़ासन शरीर को फौलादी और सुडौल बनाने वाला योगासन, इसके हैं 5 फायदे

सभी देखें

नवीनतम

18 जून को क्यों याद की जाती हैं रानी लक्ष्मीबाई? जानें उनके बलिदान की पूरी कहानी

Hindi Poem on Yoga: योग पर हिन्दी कविता: आओ मिलकर योग करें

Guru Arjan Dev: कैसे मनाया जाता है गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस?

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: जानिए इस बार की थीम, उद्देश्य और खास कार्यक्रम

नज़्म: बरसात का मौसम

अगला लेख