suvichar

चतुर्थी पर श्रीगणेश को लगाएं तिल-गुड़ के शाही मोदक का भोग

Webdunia
किसी भी गणेश पूजा के अवसर पर विघ्नहर्ता भगवान गणपति को मोदक का भोग अवश्य लगाना चाहिए, क्योंकि मोदक उनका प्रिय व्यंजन है। अब चाहे विनायकी, अंगारकी, संकष्टी या कोई सी भी चतुर्थी हो, श्रीगणेश को मोदक और लड्‍डू का भोग अवश्‍य लगाना चाहिए। इससे गणेशजी प्रसन्न होकर अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं तिल-गुड़ के शाही मोदक बनाने की सरल विधि... 
 
 
सामग्री :
 
एक कटोरी मैदा, एक कटोरी तिल, एक से डेढ़ कटोरी गुड़ बारीक किया हुआ, मेवे की बारीक कतरन पाव कटोरी, थोड़ी-सी इलायची पावडर, घी तलने के लिए। 
 
विधि :
 
मैदे में एक बड़ा चम्मच घी का मोयन देकर आटा गूंथ लें। तत्पश्चात तिल को सेंक कर मिक्सी में हल्के से बारीक कर लें। एक बर्तन में गुड़ की चाशनी तैयार करके आंच से उतार लें। अब उसमें तिल, मेवे की कतरन और इलायची मिला लें। फिर मैदे की छोटी-छोटी लोइयां बना कर हल्के से बेलें और उसमें तिल-गुड़ का मिश्रण भर कर मोदक बना लें। 
 
ध्यान रहे मिश्रण थोड़ा नरम ही रहें। सभी मिश्रण के मोदक बन जाने पर गरम घी में धीमी आंच पर तल लें। तैयार तिल-गुड़-मेवे के स्वादिष्ट मोदक से भगवान को भोग लगाएं।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

नमक, थोड़ा ही सही पर हर जगह जरूरी

होली पर लघुकथा: स्मृति के रंग

Holi Essay: होलाष्टक, होलिका दहन और धुलेंड़ी पर हिन्दी में रोचक निबंध

चेहरा पड़ गया है काला और बेजान? सर्दियों में त्वचा को मखमल जैसा कोमल बनाएंगे ये 6 जादुई टिप्स

महंगे सप्लीमेंट्स छोड़ें! किचन में छिपे हैं ये 5 'सुपरफूड्स', जो शरीर को बनाएंगे लोहे जैसा मजबूत

सभी देखें

नवीनतम

अहिंसा की जन्नत बनता गांधी का देश

Indian Gooseberry: आंवला का जादू: रोज एक आंवला खाने से बालों और आंखों में होंगे ये 7 बड़े बदलाव

क्या एक पुत्र भी गुरु हो सकता है? माता देवहूति का अद्भुत जीवन

अविश्वास प्रस्ताव बनाम सब्सटेंसिव मोशन

क्या एलियंस हैं? अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप हटाएंगे रहस्य से पर्दा, सामने आएंगी सीक्रेट फाइल्स

अगला लेख