Publish Date: Wed, 18 Jul 2018 (17:08 IST)
Updated Date: Wed, 18 Jul 2018 (17:18 IST)
मुम्बई। अधिकतर एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी पार्टियों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने से शेयर बाजार में बिकवाली देखने को मिली है। अधिकतर समूहों में रही गिरावट से बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 146.52 अंक लुढ़ककर 36,373.44 अंक पर बंद हुआ।
एनएसई का निफ्टी भी 27.60 अंक फिसलकर 11,000 अंक के आंकड़े के नीचे 10,980.45 अंक पर रहा। सेंसेक्स की शुरुआत मजबूत रही और यह 36,722.41 अंक पर खुला। कारोबार के शुरुआती पहर में यह 36,747.87 अंक के दिवस के उच्चतम स्तर तक पहुंचा, लेकिन बाद में बिकवाली का जोर बढ़ने पर यह 36,320.92 अंक से दिवस के निचले स्तर का गोता लगाता हुआ गत दिवस की तुलना में 0.40 प्रतिशत फिसलकर 36,373.44 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की आठ कंपनियां हरे निशान में और शेष 22 लाल निशान में रहीं। बीएसई के मात्र एक समूह ऊर्जा के सूचकांक में बढ़त रही। निफ्टी भी तेजी के साथ 11,060.20 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान 11,076.20 अंक के दिवस के उच्चतम और 10,956.30 अंक के दिवस के निचले स्तर से होता हुआ यह गत दिवस की तुलना में 0.25 प्रतिशत लुढ़ककर 10,980.45 अंक पर बंद हुआ।
निफ्टी की एक कंपनी के शेयर अपरिवर्तित रहे जबकि 28 में गिरावट और 21 में तेजी रही। केंद्र सरकार के खिलाफ तेलुगुदेशम् पार्टी (तेदेपा) के अलावा कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सदस्यों ने भी अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था लेकिन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने तेदेपा के नोटिस को स्वीकार करके इस पर शुक्रवार को चर्चा करने और मतदान कराने को कहा।
तेदेपा ने इससे पहले भी बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान कई बार अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था, जिसे अध्यक्ष ने हर बार सदन में रखने का प्रयास किया लेकिन विभिन्न मुद्दों पर हंगामे के चलते उसे नहीं लिया जा सका था।
मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही तेदेपा ने यह घोषणा कर दी थी कि वह इस बार भी केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने भी घोषणा की थी कि 12 विपक्षी दल मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर सहमत हुए हैं।
सेंसेक्स की हरे निशान में रहने वाली मात्र आठ कंपनियों में सबसे अधिक बढ़त तेल एवं गैस क्षेत्र की सरकारी कंपनी ओएनजीसी के शेयरों में देखी गई। ऐसी रिपोर्ट आने पर कि ओएनजीसी ने हेलीकॉप्टर सेवा प्रदाता पवनहंस में अपने 49 प्रतिशत शेयर बेचने का फैसला किया है, कंपनी के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई।
केंद्र सरकार द्वारा पंजाब नेशनल बैंक सहित पांच सरकारी बैंकों को 113.36 अरब डॉलर का पैकेज दिए जाने की खबर से कारोबार के दौरान बैंकिंग समूह के शेयरों में शुरुआती तेजी दर्ज की गई, लेकिन इस आर्थिक मदद का असर वित्तीय परिणाम पर न होने की आशंका के मद्देनजर उत्तरार्द्ध में बिकवाली हावी हो गई।
सूत्रों के अनुसार सरकार पीएनबी को 28.16 अरब डॉलर देगी। कॉरपोरेशन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, आंध्रा बैंक और इलाहाबाद बैंकों को भी आर्थिक मदद दी जाएगी। दिग्गज कंपनियों की तुलना में मंझोली और छोटी कंपनियों में अधिक बिकवाली रही।
बीएसई का मिडकैप 1.27 प्रतिशत यानी 194.76 अंक लुढ़ककर 15,181.35 अंक पर और स्मॉलकैप 0.95 प्रतिशत यानी 151.52 अंक लुढ़ककर 15,814.66 अंक पर बंद हुआ। बीएसई में कुल 2,727 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ जिनमें 134 कंपनियों के शेयरों की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ जबकि 1,706 में गिरावट और 887 में तेजी रही। (वार्ता)
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Publish Date: Wed, 18 Jul 2018 (17:08 IST)
Updated Date: Wed, 18 Jul 2018 (17:18 IST)