Publish Date: Fri, 20 Apr 2018 (12:41 IST)
Updated Date: Fri, 20 Apr 2018 (12:45 IST)
नई दिल्ली। ओलंपिक में व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतने वाले इकलौते भारतीय अभिनव बिंद्रा ने कहा कि 2022 राष्ट्रमंडल खेलों से निशानेबाजी को बाहर करना भारत के लिए करारा झटका होगा, खासकर युवा निशानेबाजों के लिए।
बिंद्रा ने यहां अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के प्रमुख थामस बाक द्वारा भारत के ओलंपिक पदक विजेताओं के सम्मान समारोह के मौके पर कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि भारत और हमारे निशानेबाजों के लिए यह करारा झटका है।
भारतीय ओलंपिक संघ ने शहर के एक होटल में गुरुवार रात इस समारोह का आयोजन किया था। बिंद्रा ने कहा कि निशानेबाजी वैकल्पिक खेल है और बर्मिंघम खेलों के आयोजकों का कहना है कि उनके पास निशानेबाजी के आयोजन के लिए सुविधाएं नहीं हैं। डरबन में अगर ये खेल होते तो वहां निशानेबाजी होती।
डरबन में 2022 राष्ट्रमंडल खेल होने थे लेकिन आर्थिक अड़चनों के कारण उसने मेजबानी से इंकार कर दिया। इसके बाद खेलों की मेजबानी बर्मिंघम को दी गई। बर्मिंघम आयोजन समिति ने लॉजिस्टिक कारणों का हवाला देकर निशानेबाजी को 2022 राष्ट्रमंडल खेलों से हटा दिया। भारत ने गोल्ड कोस्ट खेलों में निशानेबाजी में 7 स्वर्ण समेत 16 पदक जीते।
इससे पहले भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के अध्यक्ष रनिंदर सिंह ने कहा था कि निशानेबाजी को शामिल नहीं करने पर भारत को 2022 राष्ट्रमंडल खेलों का बहिष्कार करना चाहिए हालांकि आईओए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कहा कि यह कड़ा कदम होगा। (भाषा)