khatu shyam baba

Surya grahan 2020 : 12 राशियों पर बहुत असरकारी होगा सूर्य ग्रहण

Webdunia
21 जून 2020 को सूर्य ग्रहण लगने वाला है। ग्रहण भारतीय समयानुसार सुबह 9 बजकर 15 मिनट से शुरू होकर 3 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर ग्रहण अपने खास प्रभाव में होगा।

सूतक ग्रहण के एक दिन पहले यानी 20 जून को रात 9 बजकर 15 मिनट से ही शुरू हो जाएगा जो ग्रहण समाप्ति तक प्रभावी रहेगा। भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। इसलिए यहां ग्रहण का सूतक काल मान्य होगा। आइए जानते हैं ग्रहण का सभी राशियों पर प्रभाव।
सभी राशियों पर सूर्य ग्रहण का प्रभाव
मेष: सामाजिक प्रतिष्ठा में होगी वृद्धि, लोगों से मिलेगा मान-सम्मान। 

वृषभ: आर्थिक पक्ष और कार्यक्षेत्र के लिए नुकसानकारी रहेगा, ऐसे में थोड़ा सावधान रहें।

मिथुन: वाहन सावधानी से चलाएं। दुर्घटना में चोटिल होने की संभावना है। लड़ाई-झगड़ा भी हो सकता है।
कर्क: जमीन-जायदाद से जुड़े मसले पर विवाद होने की संभावना है।
सिंह: दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी। जीवनसाथी के माध्यम से किसी प्रकार का आर्थिक लाभ हो सकता है।
कन्या: सूर्य ग्रहण आपके लिए कोई शुभ समाचार ला सकता है। 
तुला: इस समय खुद को शांत रखें क्योंकि आपका किसी से वाद-विवाद हो सकता है।  
वृश्चिक: आपको इस दौरान किसी प्रकार के कष्ट का सामना करना पड़ सकता है।
धनु: दांपत्य जीवन को लेकर तनाव रहेगा। जीवनसाथी की सेहत में गिरावट आ सकती है। 
मकर: आपके लिए ग्रहण शुभ है। इससे आपको लाभकारी परिणाम प्राप्त होंगे।
कुंभ: ग्रहण के प्रभाव से आपको मानसिक बेचैनी रहेगी।  तनाव का सामना भी करना पड़ सकता है।
मीन: ग्रहण के प्रभाव से आपकी सेहत बिगड़ सकती है। मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ सकता है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

Rang Panchami 2026: रंगपंचमी का महत्व और कथा

Happy Holi Wishes 2026: रंगों के त्योहार होली पर अपनों को भेजें ये 10 सबसे मंगलकारी शुभकामनाएं

क्या भारत को भी युद्ध में धकेलेगा खग्रास चंद्र ग्रहण, क्या कहते हैं ग्रह गोचर

होलिका दहन: शाप, वरदान और अनन्य भक्ति की विजय

Rang Panchami 2026: किस देवता को कौन-सा रंग चढ़ाने से मिलती है कृपा? जानिए पूजा विधि

सभी देखें

नवीनतम

कुंभ में सूर्य और मंगल की युति से बना आदित्य मंगल राजयोग, 3 राशियों को होगा बड़ा लाभ

हिंदू नववर्ष 2083 के कौन है वर्ष का राजा और मंत्री, किन राशियों पर रहेगा शुभ प्रभाव

विक्रम संवत सबसे प्राचीन होने के बाद भी भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर क्यों नहीं बना? जानिए 3 बड़े कारण

Kharmas March 2026: खरमास कब से हो रहा है प्रारंभ, क्या महत्व है इसका?

Sheetala puja 2026: शीतला सप्तमी और अष्टमी: जानें तिथि, महत्व, पूजा विधि और धार्मिक मान्यता

अगला लेख