Hanuman Chalisa

जानिए कैसे होता है सूर्य ग्रहण और क्या है खंडग्रास ग्रहण

अनिरुद्ध जोशी
21 जून 2020 को ज्योतिष की दृष्टि में वर्ष का पहला खंडग्रास सूर्यग्रहण होने जा रहा है। इसके बाद 14 दिसंबर को सूर्य ग्रहण होगा। आखिर ये खंडग्रास क्या और कैसे होता सूर्य ग्रहण यह जानना जरूरी है।
 
 
1. क्या है खंडग्रास : दरअसल, ग्रहण कई प्रकार होते हैं जैसे खग्रास या पूर्ण, खंडग्रास, मान्द्य, कंकणाकृति आदि। खंडग्रास का अर्थ अर्थात वह अवस्था जब ग्रहण सूर्य या चंद्रमा के कुछ अंश पर ही लगता है। अर्थात चंद्रमा सूर्य के सिर्फ कुछ हिस्से को ही ढंकता है। यह स्थिति खण्ड-ग्रहण कहलाती है, जबकि संपूर्ण हिस्से को ढंकने की स्थिति खग्रास ग्रहण कहलाती है।
 
2. कैसे होता है सूर्य ग्रहण : सूर्य ग्रहण तब होता है जब सूर्य आंशिक अथवा पूर्ण रूप से चंद्रमा द्वारा आवृत्त हो जाए। वैज्ञानिकों के अनुसार धरती सूरज की परिक्रमा करती है और चंद्रमा धरती की परिक्रमा करता है। जब सूर्य और धरती के बीच चंद्रमा आ जाता है तो वह सूर्य की रोशनी को कुछ समय के लिए ढंक लेता है। इस घटना को ही सूर्य ग्रहण कहते हैं।
 
सरल अर्थों में जब पृथ्वी पर चंद्रमा की छाया पड़ती है तब सूर्य ग्रहण होता है और जब पृथ्वी सूर्य तथा चंद्रमा के बीच आती है, तब चंद्र ग्रहण होता है। 
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

चातुर्मास कब से होंगे प्रारंभ, क्या है इसका महत्व?

मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण, जानिए प्रभाव और अचूक उपाय

केतु का सिंह राशि में चल रहा है गोचर, 3 राशियां रहेंगी टॉप पर, अभी भी कर लें ये 5 उपाय

शनि की साढ़ेसाती के प्रथम चरण में मेष राशि, क्या बढ़ेंगी मुश्किलें या मिलेगा लाभ?

दुनिया की प्रमुख विचारधाराएं कौन-कौन सी हैं? जानिए पूरी सूची और उनकी खासियतें

सभी देखें

नवीनतम

मंगल का शुक्र की राशि में प्रवेश, 3 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान, बढ़ सकती हैं ये परेशानियां

Lucky Plants: घर की बालकनी में लगाएं ये 5 पौधे, खुल जाएंगे तरक्की के बंद दरवाजे

Dvidvadasha Yoga: दुर्लभ द्विद्वादश योग से 4 राशियों को होगा बड़ा लाभ, जानिए कहीं आपकी राशि भी तो नहीं

Monsoon 2026 Prediction: मानसून 2026 को लेकर बड़ी भविष्यवाणी, जानिए क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र

Saur Ashadha Month 2026: सौर आषाढ़ माह प्रारंभ, जानिए महत्व

अगला लेख