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साल का पहला सूर्य ग्रहण कहां दिखाई देगा, क्या है इसमें खास, ग्रहण के बाद तुरंत करें ये 5 काम

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दिनांक 10 जून 2021, गुरुवार के दिन ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या को वर्ष 2021 का दूसरा ग्रहण 'कंकणाकृति सूर्यग्रहण' होगा। यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, जिसकी वजह से सूर्य ग्रहण के नियम, सूतक आदि भारतवासियों पर लागू नहीं होंगे।

यह सूर्य ग्रहण उत्तरी अमेरिका के उत्तर पूर्वी भाग, उत्तरी एशिया और उत्तरी अटलांटिक महासागर में दिखाई देगा। जब सूर्य, चंद्र और धरती जब एक सीध में होते हैं अर्थात् चंद्र के ठीक राहु और केतु बिंदु पर ना होकर ऊंचे या नीचे होते हैं तब खंड ग्रहण होता और जब चंद्रमा दूर होते हैं तब उसकी परछाई पृथ्‍वी पर नहीं पड़ती तथा बिंब छोटे दिखाई देते हैं। उसके बिंब के छोटे होने से सूर्य का मध्यम भाग ढंक जाता है, जिससे चारों और कंकणाकार सूर्य प्रकाश दिखाई पड़ता है।

इसी कारण ग्रहण को कंकणाकार सूर्य ग्रहण कहते हैं। ग्रहण के दौरान सूर्य में छोटे-छोटे धब्बे उभरते हैं जो कंकण के आकार में दिखाई देने के कारण ही इसे कंकणाकृति सूर्यग्रहण कहा जाता है।
 
आइए जानें ग्रहण के तुरंत बाद क्या करें- 
 
1 ग्रहण के पहले और ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें। पवित्र नदियों और संगमों में स्नान करें। मान्यतानुसार गर्भवती स्त्रियों को भी ग्रहण के बाद स्नान करना चाहिए। ऐसा नहीं करने से शिशु को त्वचा संबंधी परेशानियां आ सकती हैं।
 
2 ग्रहण खत्म होने के बाद मंदिर और घरों की सफाई करें। 
 
3 साथ ही भगवान के वस्त्र आदि की भी सफाई करके उन्हें नए वस्त्र पहनाएं। ईश्वर की आराधना करें।
 
4 ग्रहण के बाद गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जरूरतमंदों को वस्त्रदान से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है।
 
5 सूर्य ग्रहण के उपरांत गरीबों को दान करें। मान्यता है कि सामान्य दिन से ग्रहण में किया गया पुण्य कर्म (जप, ध्यान, दान आदि) 1 लाख गुना और सूर्यग्रहण में 10 लाख गुना फलदायी होता है।

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