Hanuman Chalisa

धर्मरक्षार्थ हजारों लोग बनेंगे 'खूनी नागा'

Webdunia
उज्जैन। इस महाकुंभ मे 7 शैव और 3 वैष्णव अखाड़ों द्वारा उनके हजारों साधुओं को नागा बनाने की प्रक्रिया शुरु हो गई है। इन नागाओं को 'खूनी नागा' के नाम से जाना जाएगा। दरअसल, सबसे पहले जब कोई नागा बनता हैं तो उसे खूनी नागा के नाम से संबोधित किया जाता हैं।
अखाड़ों के नियमानुसार जब भी किसी को नागा साधु बनाया जाता है तो उन्हें सिर्फ हरिद्वार और उज्जैन में होने वाले कुंभ में ही नागा साधु की दीक्षा दी जाती हैं। जब हरिद्वार के कुंभ में किसी को नागा साधु की दीक्षा दी जाती है तो उन नागा साधु को बर्फानी नागा ने नाम से संबोधित किया जाता हैं और जब यही प्रक्रिया उज्जैन के कुंभ में संपन्न होती हैं तब उन्हें खूनी नागा के नाम से जाना जाता है, जिसका तात्पर्य ये है की ऐसे नागा साधु जो धर्म की रक्षा के लिए अपने खून को बहाने में कभी भी पीछे नहीं हटेंगे। ऐसे नागा साधु को एक सैनिक की तरह तैयार किया जाता हैं।

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर: 12 राशियों में किसे होगा फायदा, किसे रहना होगा सतर्क?

गुरु का शनि के नक्षत्र में गोचर: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 उपाय

अमरनाथ गुफा के 6 बड़े रहस्य: आखिर कितने हजार साल पुरानी है यह पवित्र यात्रा?

सूर्य का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 आसान उपाय

मंगल का रोहिणी नक्षत्र में गोचर: 12 राशियों पर कैसा होगा असर? जानें 5 आसान उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

Avatar Meher Baba: अवतार मेहेर बाबा कौन थे, कब और क्यों मनाया जाता है मौन पर्व?

कब है गुरु पूर्णिमा 2026 में? जानें तिथि, मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि

शुक्र का नक्षत्र परिवर्तन: इन 5 राशियों को मिल सकता है अचानक धन लाभ और करियर में तरक्की

Halharini Amavasya: हलहारिणी अमावस्या पर किए जाने वाले पितृ दोष निवारण के 10 विशेष उपाय

Yogini Ekadashi 2026: योगिनी एकादशी का व्रत कैसे रखें और जानिए मुहूर्त, पूजा विधि एवं पारण का समय