sundarkand

विक्रमादित्य का सिंहासन और उनकी 32 पुतलियां

Webdunia
साहित्य ग्रंथों में विक्रमादित्य का सिंहासन अत्यधिक प्रसिद्ध है। किंवदंती है कि विक्रमादित्य के पराक्रम, शौर्य, कलामर्मज्ञता तथा दानशीलता से प्रसन्न होकर इंद्र ने यह रत्नजडित स्वर्णिम दिव्य सिंहासन विक्रमादित्य को उपहार में दिया। इसमें 32 पुत्तलिकाएं यानी पुतलियां लगी थीं। यह सिंहासन 32 हाथ लंबा तथा 8 हाथ ऊंचा था। यह भी कहा जाता है कि यह सिंहासन राजा भोज को उज्जयिनी में एक टीले के उत्खनन में प्राप्त हुआ था।



सिंहासन द्वात्रिंशिका के अनुसार सिंहासन में जडित 32 पुत्तलिकाओं के नाम इस प्रकार हैं- (1) जया, (2) विजया, (3) जयंती, (4) अपराजिता, (5) जयघोषा, (6) मंजूघोषा, (7) लीलावती, (8) जयावती, (9) जयसेना, (10) मदनसेना, (11) मदनमंजरी, (12) श्रृंगारमंजरी, (13) रतिप्रिया, (14) नरमोहिनी, (15) भोगनिधि, (16) प्रभावती, (17) सुप्रभा, (18) चन्द्रमुखी, (19) अन्नगध्वजा, (20) कुरंगनयना, (21) लावण्यवती, (22) सौभाग्यमंजरी, (23) चन्द्रिका, (24) हंसगमना, (25) विद्युतप्रभा, (26) चन्द्रकांता, (27) रूपकांता, (28) सुरप्रिया, (29) अन्नदाप्रभा, (30) देवनंदा, (31) पद्मावती व (32) पद्मिनी।

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

06 September Birthday: आपको 06 सितंबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (06 सितंबर, 2026)

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 06 सितंबर 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

राहु-केतु गोचर: जानें कब हो रहा है राशि परिवर्तन और किन राशियों की चमकेगी किस्मत

सूर्य-शनि के षडाष्टक योग से चमकेगा 5 राशियों का भाग्य, जानें क्या आपकी राशि शामिल है?