Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia

आज के शुभ मुहूर्त

(श्री हनुमान जयंती)
  • तिथि- चैत्र शुक्ल पूर्णिमा
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:58 से 12:45 तक
  • त्योहार/व्रत/मुहूर्त- श्री हनुमान प्रकटोत्सव पर्व
  • राहुकाल: दोपहर 02:10 से 03:45 तक
webdunia

guru Teg bahadur diwas कब है?

Advertiesment
Guru Tegh Bahadur
वर्ष 2022 में 24 नवंबर को गुरु तेग बहादुर का शहीदी दिवस है। हर साल 24 नवंबर का दिन उनकी शहादत को याद करते हुए शहीदी दिवस (Shahidi diwas) के रूप में मनाया जाता है। गुरु तेग बहादुर सिंह जी को हिंद की चादर भी कहा जाता है। वे सिखों के नौवें गुरु हैं, जिनका शहीदी दिवस गुरुवार को मनाया जा रहा है। 
 
गुरु तेग बहादुर सिंह (guru teg bahadur) को सिख धर्म में क्रांतिकारी युग पुरुष के रूप में जाना जाता है। उनका जन्म पंजाब के अमृतसर में वैशाख कृष्ण पंचमी तिथि को हुआ था। वे गुरु हर गोविंद सिंह जी के पांचवें पुत्र थे। बचपन में वे त्यागमल नाम से पहचाने जाते थे, जो कि एक बहादुर, निर्भीक, विचारवान और उदार चित्त वाले थे। 
 
उनकी शिक्षा-दीक्षा मीरी-पीरी के मालिक गुरु-पिता गुरु हरि गोविंद साहब की छत्र छाया में हुई। मात्र 14 वर्ष की उम्र में ही अपने पिता के साथ उन्होंने कंधे से कंधा मिलाकर मुगलों के हमले के खिलाफ हुए युद्ध में अपना साहस दिखाकर वीरता का परिचय दिया और उनके इसी वीरता से प्रभावित होकर गुरु हर गोविन्द सिंह जी ने उनका नाम तेग बहादुर यानी तलवार के धनी रख दिया। 
 
इसी समयावधि में उन्होंने गुरुबाणी, धर्मग्रंथों के साथ-साथ अस्त्र-शस्त्र और घुड़सवारी आदि की शिक्षा प्राप्त की। सिखों के 8वें गुरु हरिकृष्ण राय जी की अकाल मृत्यु के बाद गुरु तेग बहादुर जी को नौवां गुरु बनाया गया था। गुरु तेग बहादुर सिंह ने आदर्श, धर्म, मानवीय मूल्य तथा सिद्धांतों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। 
 
माना जाता है कि जब मुगल बादशाह ने गुरु तेग बहादुर सिंह जी से इस्लाम धर्म या मौत दोनों में से एक चुनने के लिए कहा। तब मुगल बादशाह औरंगजेब चाहता था कि गुरु तेग बहादुर जी सिख धर्म को छोड़कर इस्लाम धर्म को स्वीकार कर लें, लेकिन जब गुरु तेग बहादुर जी ने इस्लाम अपनाने से इनकार कर दिया तब औरंगजेब ने उनका सिर कटवा दिया था। उनके इसी बलिदान स्वरूप में 24 नवंबर को उनका शहीदी गुरु पर्व मनाया जाता है। 
 
सिख धर्म के नौंवें गुरु (guru teg bahadur) गुरु तेग बहादुर सिंह ने धर्म की रक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करके सही अर्थों में 'हिन्द की चादर' कहलाए। ऐसे वीरता और साहस की मिसाल थे गुरु तेग बहादुर सिंह जी। विश्व इतिहास में आज भी उनका नाम एक वीरपुरुष के रूप में बड़े ही सम्मान के साथ लिया जाता है।


अपने खास उपदेशों, विचारों और धर्म की रक्षा के प्रति अपना जज्बा कायम रखने वाले गुरु तेग बहादुर सिंह (biography of guru tegh bahadur) जी का सिख धर्म में अद्वितीय स्थान है। उनके शहीदी दिवस पर उनके निशान साहिब के चोले की सेवा, श्री अखंड साहिब पाठ, कीर्तन, दीवान सजा कर शबद गायन किया जाता है।

 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

वर्ष 2023 मकर, धनु और कुंभ राशि वालों के लिए है बहुत खास, शनि महाराज देंगे अच्छे काम का लाभ




Hanuman Chalisa In Hindi
Hanuman Chalisa In Hindi