rashifal-2026

तुंगविद्या की वीणा की धुन पर नाचते थे श्रीकृष्ण

अनिरुद्ध जोशी
पौराणिक ग्रंथों के अनुसार श्रीजी राधारानी की 8 सखियां थीं। अष्टसखियों के नाम हैं- 1. ललिता, 2. विशाखा, 3. चित्रा, 4. इंदुलेखा, 5. चंपकलता, 6. रंगदेवी, 7. तुंगविद्या और 8. सुदेवी। राधारानी की इन आठ सखियों को ही "अष्टसखी" कहा जाता है। श्रीधाम वृंदावन में इन अष्टसखियों का मंदिर भी स्थित है। आओ इस बार जानते हैं तुंगविद्या के बारे में संक्षिप्त जानकारी।
 
1. सखी तुंगविद्या नृत्य तथा गायन करके श्रीराधा और कृष्ण का मनोरंजन करती हैं।  
 
2. इन्हें माता पार्वती गौरी मां का अवतार माना जाता है।
 
3. तुंगविद्या सखी 18 वेद विद्याओं में पारंगत है। 
 
4. ये वीणा बजाना भी जानती हैं और नाट्यशास्त्र एवं रसशास्त्र में भी कुशल है।
 
5. इनकी माता का नाम मेघा, पिता का नाम पुष्कर और पति का नाम बालिश है। कुछ जगहों पर इनके पिता का नाम अंगद एवं माता का नाम ब्रह्मकर्णी बताया जाता है।
 
6. कहते हैं कि श्रीकृष्‍ण तुंगविद्या की विणा पर नाचते थे। 
 
7. बरसाना से दक्षिण दिशा में छह किलोमीटर दूर सखी तुंग विद्या का गांव डभाला है। वहीं बरसाना से 8 किलोमीटर दक्षिण दिशा में स्थित राकोंली गांव रंगदेवी सखी का गांव है।
 
8.  पहाड़ी पर इनका मंदिर है। तुंगविद्या सखी पीले रंग के परिधान धारण कर भक्तों को दर्शन देती हैं।
 
9. इनका जन्म भाद्रपद शुक्लपक्ष पंचमी को हुआ था। 
 
10. राधाजी से पांच दिन छोटी हैं रंगदेवी और तीन दिन बढ़ी है तुंग विद्या।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

कुंभ राशि में सूर्य-राहु की युति: 13 फरवरी से 'ग्रहण योग', इन 4 राशियों के लिए सावधानी का समय

Mahashivratri upay: महाशिवरात्रि पर इस बार बन रहे हैं दुर्लभ योग, रात को इस समय जलाएं दीपक

वरुण का दुर्लभ गोचर: 168 साल बाद मीन राशि में, 6 राशियों पर पड़ेगा गहरा असर

चार धाम यात्रा 2026 रजिस्ट्रेशन जरूरी, यहां देखें स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

Venus Transit in Aquarius: 12 राशियों का भविष्य बदलेगा, जानिए राशिफल

सभी देखें

धर्म संसार

15 February Birthday: आपको 15 फरवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 15 फरवरी 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

Weekly Horoscope (16 To 22 Feb): फरवरी 2026 का साप्ताहिक राशिफल, अपने सितारों से जानें नए सप्ताह का हाल

फाल्गुन अमावस्या: पितरों के आशीर्वाद से बदल सकता है आपका भाग्य, जानिए सही विधि

Annular Solar Eclipse 2026: सूर्य ग्रहण कब लगने वाला है और वह किन देशों में दिखाई देगा?

अगला लेख