Publish Date: Thu, 30 Jul 2026 (09:10 IST)
Updated Date: Thu, 30 Jul 2026 (09:14 IST)
30 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से काफी शुभ दिन माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार इस दिन तिथि प्रतिपदा और श्रवण नक्षत्र शाम तक रहेगा। आयुष्मान यो के बाद सौभाग्य योग रहेगा। खास बात यह है कि श्रवण नक्षत्र में हो रहा है श्रावण मास का प्रारंभ।
1. तिथि और धार्मिक महत्त्व
सावन/श्रावण कृष्ण प्रतिपदा: पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार यह श्रावण (सावन) मास का पहला दिन यानी कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है।
सावन का प्रारंभ: सावन मास शिव भक्ति के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दिन से पूरे महीने चलने वाली शिव आराधना और व्रत-नियमों का धार्मिक संकल्प लिया जाता है।
2. ग्रह-नक्षत्र और योग
वार: गुरुवार (बृहस्पतिवार)। यह दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा के लिए उत्तम माना जाता है।
नक्षत्र: श्रवण नक्षत्र (शाम 05:43 बजे तक), इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र लगेगा। श्रवण नक्षत्र के देवता भगवान विष्णु हैं। इस नक्षत्र में शिक्षण, पठन-पाठन और धार्मिक कार्य करना बहुत शुभ माना जाता है।
चंद्र राशि: चंद्रमा मकर राशि में संचार करेगा।
योग: आयुष्मान योग (रात 12:05 बजे तक), जिसके बाद सौभाग्य योग शुरू होगा। ये दोनों ही योग स्वास्थ्य, दीर्घायु और कार्यों में सफलता प्रदान करने वाले माने जाते हैं।
3. शुभ और अशुभ मुहूर्त (दिल्ली/मध्य भारत के अनुसार)
अभिजीत मुहूर्त (सबसे शुभ समय): दोपहर 11:55 से 12:50 के आसपास (नया काम शुरू करने या पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ)।
अमृत काल: सुबह 06:24 बजे से 08:08 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:10 बजे से 04:58 बजे तक
राहुकाल (अशुभ समय): दोपहर लगभग 02:08 से 03:50 बजे तक। इस दौरान किसी भी महत्वपूर्ण या नए कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
30 जुलाई 2026 का दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु दोनों की साधना के लिए बेहतरीन संयोग बना रहा है। गुरुवार और श्रवण नक्षत्र का योग होने से इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना, शिव जी का जलाभिषेक करना और गुरुजनों का आशीर्वाद लेना विशेष फलदाई रहेगा।