Hanuman Chalisa

श्रावण मास में इस बार 5 सोमवार के 5 महादेव कौन से हैं

Webdunia
श्रावण मास के 2 सोमवार बीत चुके हैं। लेकिन अगर आप प्रति सोमवार के महादेव के अनुसार अभी तक पूजन ना कर सके हैं तो कोई बात नहीं अभी भी आपके पास 3 और बेहतरीन अवसर हैं। जा‍निए पिछले दो सोमवार को कौन से महादेव की पूजा होनी थी और आगामी 3 सोमवार कौन से महादेव की आराधना श्रेष्ठ है.... 
 
प्रथम सोमवार : महामायाधारी
इस सावन के पहले सोमवार को महामायाधारी भगवान शिव की आराधना शुभ मानी गई। पूजा क्रिया के बाद शिव भक्तों को ‘ॐ लक्ष्मी प्रदाय ह्री ऋण मोचने श्री देहि-देहि शिवाय नम: का मंत्र 11 माला जाप करना चाहिए। इस मंत्र के जाप से लक्ष्मी की प्राप्ति, व्यापार में वृद्धि और ऋण से मुक्ति मिलती है।
 
ALSO READ: श्रावण मास में आजमाएं, सिर्फ 3 सबसे आसान उपाय
 
दूसरा सोमवार : महाकालेश्वर 
दूसरे सोमवार को महाकालेश्वर शिव की विशेष पूजा करने का विधान है। श्रद्धालु को ‘ॐ महाशिवाय वरदाय हीं ऐं काम्य सिद्धि रुद्राय नम: मंत्र का रुद्राक्ष की माला से कम से कम 11 मामला जाप करना चाहिए। महाकालेश्वर की पूजा से सुखी गृहस्थ जीवन, पारिवारिक कलह से मुक्ति, पितृ दोष व तांत्रिक दोष से मुक्ति मिलती है।

ALSO READ: पौराणिक और पवित्र कथा भगवान महाकालेश्वर की
 
तीसरा सोमवार :  अर्द्धनारीश्वर 
सावन के इस तृतीय सोमवार को अर्द्धनारीश्वर शिव का पूजन किया जाना चाहिए । इन्हें खुश करने के लिए ‘ॐ महादेवाय सर्व कार्य सिद्धि देहि-देहि कामेश्वराय नम: मंत्र का 11 माला जाप करना श्रेष्ठ माना गया है। इनकी विशेष पूजन से अखंड सौभाग्य, पूर्ण आयु, संतान प्राप्ति, संतान की सुरक्षा, कन्या विवाह, अकाल मृत्यु निवारण व आकस्मिक धन की प्राप्ति होती है।

ALSO READ: अर्द्धनारीश्वर शिव का क्या है रहस्य, पढ़ें कथा
 
चौथा सोमवार : तंत्रेश्वर शिव 
चतुर्थ सोमवार को तंत्रेश्वर शिव की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन कुश के आसन पर बैठकर ‘ॐ रुद्राय शत्रु संहाराय क्लीं कार्य सिद्धये महादेवाय फट् मंत्र का जाप 11 माला शिवभक्तों को करनी चाहिए। तंत्रेश्वर शिव की कृपा से समस्त बाधाओं का नाश, अकाल मृत्यु से रक्षा, रोग से मुक्ति व सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

ALSO READ: कपालेश्वर महादेव मंदिर : यहां नंदी क्यों नहीं है शिव के साथ...
 
पांचवा सोमवार : श्री त्रयम्बकेश्वर 
पांचवें सोमवार को श्री त्रयम्बकेश्वर की पूजा की जाती है। इसमें रुद्राभिषेक, लघु रुद्री, मृत्युंजय या लघु मृत्युंजय का जाप करना चाहिए। पूजन विधि :- गंजा जल, दूध, शहद, घी, शर्करा व पंचामृत से बाबा भोले का अभिषेक कर वस्त्र, यज्ञो पवित्र, श्वेत और रक्त चंदन भस्म, श्वेत मदार, कनेर, बेला, गुलाब पुष्प, बिल्वपत्र, धतुरा, बेल फल, भांग आदि चढ़ायें। उसके बाद घी का दीप उत्तर दिशा में जलाएं। पूजा करने के बाद आरती कर क्षमार्चन करें।

ALSO READ: भगवान शिव के दिव्य स्वरूप की 10 पवित्र बातें
 
देखें वीडियो 
 
 


सावन सोमवार की पवित्र और पौराणिक कथा (देखें वीडियो) 
 


 
Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

शुक्र का सिंह राशि में गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जरूर करें ये 3 उपाय

अमरनाथ यात्रा 2026: निकलने से पहले जरूर कर लें ये 5 जरूरी तैयारियां, तभी रहेगा सफर सुरक्षित

Vakri Budh Effect: बुध की कर्क राशि में वक्री चाल, इन 3 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क

क्या धरती से टकराएगा विशालकाय उल्कापिंड? जानें कब सच हो सकती है यह भविष्यवाणी

राहु-गुरु का षडाष्टक योग बना, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर

सभी देखें

धर्म संसार

02 July Birthday: आपको 2 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 2 जुलाई 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

शुक्र का सिंह राशि में गोचर, 4 जुलाई से इन 6 राशियों पर होगी धन और सुख की बरसात

Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि कब से कब तक रहेगी?

मीन राशि में शनि का प्रभाव कब तक रहेगा, 6 को मिलेगा लाभ और 6 को होगा नुकसान?

अगला लेख