suvichar

शिवलिंग से औषधि और सोना बनाने का रहस्य क्या सही है?

अनिरुद्ध जोशी
सोमवार, 20 जुलाई 2020 (11:12 IST)
शिवलिंग के बारे में कई तरह के रहस्य बताए जाते हैं। कोई कहता है कि यह ब्रह्माण्ड का प्रतीक है तो कोई इसे ज्योतिर्लिंग मानता है अर्थात यह परमात्मा और आत्मा के निराकार होने का प्रतीक है। कोई इसे शिव का आदि और अनादि रूप मानता है तो कोई इसे निराकार ब्रह्म मानता है। आओ जानते हैं एक नया ही रहस्य जिसे बहुत कम लोग जानते हैं।
 
 
1. शिवलिंग का विन्यास : शिवलिंग के 3 हिस्से होते हैं। पहला हिस्सा जो नीचे चारों ओर भूमिगत रहता है। मध्य भाग में आठों ओर एक समान पीतल बैठक बनी होती है। अंत में इसका शीर्ष भाग, जो कि अंडाकार होता है जिसकी कि पूजा की जाती है। इस शिवलिंग की ऊंचाई संपूर्ण मंडल या परिधि की एक तिहाई होती है।
 
ये 3 भाग ब्रह्मा (नीचे), विष्णु (मध्य) और शिव (शीर्ष) के प्रतीक हैं। शीर्ष पर जल डाला जाता है, जो नीचे बैठक से बहते हुए बनाए गए एक मार्ग से निकल जाता है। प्राचीन ऋषि और मुनियों द्वारा ब्रह्मांड के वैज्ञानिक रहस्य को समझकर इस सत्य को प्रकट करने के लिए विविध रूपों में इसका स्पष्टीकरण दिया गया है।
 
 
2. औषधि और सोने का रहस्य : शिवलिंग में एक पत्थर की आकृति होती है। जलाधारी पीतल की होती है और नाग या सर्प तांबे का होता है। शिवलिंग पर बेलपत्र और धतूरे या आंकड़े के फूल चढ़ते हैं। शिवलिंग पर जल गिरता रहता है। कहते हैं कि ऋषि-मुनियों ने प्रतीक रूप से या प्राचीन विद्या को बचाने के लिए शिवलिंग की रचना इस तरह की है कि कोई उसके गूढ़ रहस्य को समझकर उसका लाभ उठा सकता है, जैसे शिवलिंग अर्थात पारा, जलाधारी अर्थात पीतल की धातु, नाग अर्थात तांबे की धातु आदि को बेलपत्र, धतूरे और आंकड़े के साथ मिलाकर कुछ भी औ‍षधि, चांदी या सोना बनाया जा सकता है। ऐसा माना जाता है कि यह रहस्य कई प्राचीन किताबों में दर्ज है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

क्या आपके मोबाइल नंबर का अंतिम अंक आपके लिए शुभ है ?

हिंदू पुराण, ज्योतिष, नास्त्रेदमस, बाबा वेंगा और भविष्‍य मालिका की 6 कॉमन भविष्यवाणियां

1914 के विश्‍व युद्ध का इतिहास दोहराएगा 2026, दोनों साल के कैलेंडर में चौंकाने वाली समानता

Mahavir Jayanti: महावीर जयंती 2026: भगवान महावीर के उपदेश और जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक बातें

Kharmas 2026: खरमास में करें 5 उपाय, पितरों को मिलेगी शांति

सभी देखें

धर्म संसार

29 March Birthday: आपको 29 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 29 मार्च 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

किन राशियों के लिए खास हो सकता है 30 मार्च से 5 अप्रैल तक का समय, पढ़ें अपना साप्ताहिक भविष्यफल

Kamada Ekadashi: कामदा एकादशी 2026: जानें शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, फायदे और कब करें पारण?

Palm Sunday 2026: पाम संडे कब है और क्यों मनाया जाता है?

अगला लेख