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चतुर्थ श्रावण सोमवार व्रत पर करना न भूलें शिवलिंग में स्थित मां पार्वती, अशोक सुंदरी, गणेश और कार्तिकेय की पूजा

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lorrd shiva and shivling chaturth sawan somwar in hindi
24 अगस्त 2026 को श्रावण मास का चतुर्थ सोमवार का व्रत रखा जाएगा और इसी दिन उज्जैन में महाकाल बाबा की चतुर्थ सवारी भी निकलेगी। श्रावण सोमवार के दिन सभी भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक या अन्य तरह के अभिषेक करके पूजा करते हैं  लेकिन बहुत कब  लोग जानते हैं कि शिवलिंग में ही शिव परिवार के सभी सदस्यों का भी स्थान रहता है। उनकी पूजा भी करना चाहिए। 

शिवलिंग विन्यास: 

शिवलिंग के 3 हिस्से होते हैं। पहला हिस्सा जो नीचे चारों ओर भूमिगत रहता है। मध्य भाग में आठों ओर एक समान पीतल बैठक बनी होती है। अंत में इसका शीर्ष भाग, जो कि अंडाकार होता है जिसकी कि पूजा की जाती है। ये 3 भाग ब्रह्मा (नीचे), विष्णु (मध्य) और शिव (शीर्ष) के प्रतीक हैं। शीर्ष पर जल डाला जाता है, जो नीचे बैठक से बहते हुए बनाए गए एक मार्ग से निकल जाता है। 
 

सभी की करें पूजा:

  1. जब आप शिवलिंग की पूजा करें तो सिर्फ शिवलिंग की ही पूजा न करें। 
  2. शिवलिंग के आसापस पार्वती माता विराजमान रहती है, जिसे हस्त कमल का नाम दिया है। 
  3. इसी प्रकार सोमसूत्र यानी जिस नलिका से जल बाहर निकलता है, उसी स्थान पर भगवान शिव की बेटी अशोक सुंदरी विराजमान हैं।
  4. जलाधारी के आगे की ओर जो पद चिन्ह दिखाई देते हैं उस स्थान पर कार्तिकेय और गणेश जी का वास है।
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ऐसे करें शिवलिंग की पूजा:-

  • सबसे पहले शिवलिंग का जलाभिषेक करें।
  • इसके बाद धूप दीप प्रज्वलित करें।
  • इसके बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, चंदन आदि अर्पित करें।
  • फिर नाग देवता पर बेलपत्र, फूल आदि अर्पित करें।
  • फिर गलंतिका पर चंदन का टीका लगाएं।
  • फिर शिवलिंग के नीचे आसपास माता पार्वती की पूजा करें।
  • इसके बाद सोमसूत्र के पास विराजमान अशोक सुंदरी की पूजा करें। 
  • इसके बाद भगवान गणेश एवं कार्तिकेय की पूजा करें।
  • इसके बाद जलाधारी पर भी चंदन, फूल आदि अर्पित करें।
  • शिवलिंग के आगे मध्य में और ठीक पीछे के स्थान पर भी चंदन लगाएं।
  • इसके बाद नैवेद्य अर्पित करें और अंत में नंदी भगवान को चंदन का टीका लगाकर उनकी पूजा करें। 
  • सबसे अंत में आरती करके प्रसाद का वितरण करें।
 

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