Dharma Sangrah

क्या आप जानते हैं कब कराएं महामृत्युंजय का जाप

Webdunia
विशेष परिस्थितियों में जपें यह महामंत्र 
 
महामृत्युंजय मंत्र जपने से अकाल मृत्यु तो टलती है, आरोग्यता की भी प्राप्ति होती है। स्नान करते समय शरीर पर लोटे से पानी डालते वक्त इस मंत्र का जप करने से स्वास्थ्य-लाभ होता है। दूध में निहारते हुए इस मंत्र का जप किया जाए और फिर वह दूध पी लिया जाए तो यौवन की सुरक्षा में भी सहायता मिलती है, साथ ही इस मंत्र का जप करने से बहुत-सी बाधाएं दूर होती हैं अत: इस मंत्र का यथासंभव जप करना चाहिए। निम्नलिखित स्थितियों में इस मंत्र का जाप कराया जाता है-
 
* ज्योतिष के अनुसार यदि जन्म मास, गोचर और दशा, अंतर्दशा, स्थूलदशा आदि में ग्रह पीड़ा होने का योग है।
* किसी महारोग से कोई पीड़ित होने पर।
* जमीन-जायदाद के बंटवारे की संभावना हो।
* हैजा-प्लेग आदि महामारी से लोग मर रहे हों।
* राज्य या संपदा के जाने का अंदेशा हो।
* धनहानि हो रही हो। 
* मेलापक में नाड़ीदोष, षड़ाष्टक आदि आता हो।
* राजभय हो।
* मन धार्मिक कार्यों से विमुख हो गया हो।
* राष्ट्र का विभाजन हो गया हो।
* मनुष्यों में परस्पर घोर क्लेश हो रहा हो।
* त्रिदोषवश रोग हो रहे हों।

ALSO READ: हर पूजन से पहले जरूरी है यह स्वस्ति वाचन

ALSO READ: श्रावण मास में शिव ही नहीं श्री गणेश के यह मंत्र भी देते हैं वरदान

सावन सोमवार की पवित्र और पौराणिक कथा (देखें वीडियो) 
 
 
 

 
Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

क्या आपके मोबाइल नंबर का अंतिम अंक आपके लिए शुभ है ?

हिंदू पुराण, ज्योतिष, नास्त्रेदमस, बाबा वेंगा और भविष्‍य मालिका की 6 कॉमन भविष्यवाणियां

1914 के विश्‍व युद्ध का इतिहास दोहराएगा 2026, दोनों साल के कैलेंडर में चौंकाने वाली समानता

Mahavir Jayanti: महावीर जयंती 2026: भगवान महावीर के उपदेश और जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक बातें

Kharmas 2026: खरमास में करें 5 उपाय, पितरों को मिलेगी शांति

सभी देखें

धर्म संसार

Mahavir Jayanti 2026: भगवान महावीर: अहिंसा और आत्म-विजय के महानायक

Chaitra Purnima 2026: चैत्र पूर्णिमा कब है क्या महत्व है इस दिन का और क्या करें इस दिन?

भगवान जगन्नाथ मंदिर परंपरा: विष्णु दमनोत्सव क्या होता है और क्या है इसका महत्व?

महावीर जयंती पर जानिए अनेकांतवाद का अर्थ, क्यों आज भी प्रासंगिक है यह सिद्धांत

Mahavir Jayanti 2026 date: अहिंसा, सत्य और शांति का पावन पर्व महावीर जयंती, जानें इतिहास, महत्व और परंपराएं

अगला लेख