Publish Date: Fri, 18 Jul 2025 (15:51 IST)
Updated Date: Fri, 18 Jul 2025 (15:56 IST)
Shivling kaise banaen: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए सबसे पवित्र और शुभ समय माना जाता है। पूरे महीने भक्तगण व्रत, अभिषेक और पूजा के माध्यम से भोलेनाथ को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। इस दौरान विशेष रूप से शिवलिंग की पूजा का अत्यधिक महत्व होता है, क्योंकि भगवान शिव लिंग स्वरूप में ही पूजित होते हैं।
हर किसी के पास मंदिर जाकर रोजाना पूजा करना संभव नहीं होता। ऐसे में घर पर शिवलिंग स्थापित करके प्रतिदिन जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, बिल्वपत्र अर्पण आदि करने से शिव कृपा बनी रहती है। बाजार से शिवलिंग खरीदना एक विकल्प जरूर हो सकता है, लेकिन मिट्टी से अपने हाथों से बनाया गया शिवलिंग ज्यादा सात्विक और पुण्यदायक माना जाता है, खासकर सावन जैसे पवित्र महीने में। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा भी आती है।
मिट्टी से शिवलिंग बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
घर पर शिवलिंग बनाना बहुत ही सरल प्रक्रिया है, और इसके लिए आपको ज्यादा चीजों की जरूरत नहीं होती। नीचे दी गई सूची में आपको हर आवश्यक वस्तु मिलेगी:
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शुद्ध देशी मिट्टी (अगर गीली मिट्टी उपलब्ध हो तो सबसे बेहतर)
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गंगाजल या कोई पवित्र जल
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चांदी या पीतल की थाली (जिसमें शिवलिंग रखा जाए)
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काला तिल, गोमूत्र या गौमय (यदि उपलब्ध हो तो अधिक पुण्यदायक)
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तुलसी और बेलपत्र (पूजा के लिए)
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शुद्ध देसी घी या तिल का तेल (शिवलिंग पर लगाने हेतु)
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हाथ धोने के लिए साफ पानी और वस्त्र
कैसे बनाएं मिट्टी का शिवलिंग, पार्थिव शिवलिंग बनाने की आसान विधि
चरण 1: मिट्टी को शुद्ध करें
सबसे पहले जो मिट्टी आप ले रहे हैं, उसे किसी साफ बर्तन में रखें और उसमें कुछ बूंदें गंगाजल की मिला दें। इससे मिट्टी पवित्र हो जाती है और उसमें से सभी नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है। आप चाहें तो इसमें थोड़ा-सा गोमूत्र या तुलसी का जल भी मिला सकते हैं।
चरण 2: मिट्टी को गूंथें और शिवलिंग का आकार दें
अब इस मिट्टी को अच्छे से गूंथ लीजिए ताकि वह चिकनी और मुलायम हो जाए। इसके बाद दोनों हाथों से एक अंडाकार बेलन जैसा आकार तैयार करें, जो ऊपर से हल्का गोल और नीचे से चौड़ा हो। यह आकार शिवलिंग का मूल स्वरूप माना जाता है।
शिवलिंग का आकार बड़ा नहीं होना चाहिए, आमतौर पर 4 से 6 इंच की ऊंचाई पर्याप्त होती है। ध्यान रखें कि इसे बनाते समय मन शांत और श्रद्धाभाव से भरा हो।
चरण 3: शिवलिंग को थाली में स्थापित करें
बने हुए शिवलिंग को एक पीतल या तांबे की थाली में रखें। थाली के नीचे आप बेलपत्र या तुलसी के पत्ते भी बिछा सकते हैं। फिर थोड़ा सा जल छिड़क कर उसकी शुद्धि करें। अब यह शिवलिंग पूजा के लिए तैयार है।
घर पर रोजाना पूजा कैसे करें?
मिट्टी से बनाए गए शिवलिंग की रोजाना पूजा करने से आपको विशेष पुण्य प्राप्त होता है। नीचे बताया गया है कि कैसे आप इसे नियमित रूप से पूज सकते हैं:
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सुबह नहा-धोकर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
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शिवलिंग पर सबसे पहले जल अर्पित करें (गंगाजल हो तो उत्तम)।
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इसके बाद दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से पंचामृत बनाकर अभिषेक करें।
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फिर से साफ जल से स्नान कराएं और बेलपत्र, भस्म, अक्षत, धतूरा, तुलसी आदि चढ़ाएं।
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धूप-दीप जलाएं और “ॐ नमः शिवाय” या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
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अंत में शिव जी से अपने परिवार और जीवन की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें।
कुछ जरूरी सावधानियां
मिट्टी से बना शिवलिंग घर में स्थायी रूप से न रखें। इसका प्रयोग केवल सावन या विशेष तिथि पर ही करें, और पूजा समाप्ति के बाद बहते जल या पेड़ की जड़ में विसर्जित करें। पूजा के समय अशुद्ध या अपवित्र वस्त्र न पहनें। महिलाओं को मासिक धर्म के समय शिवलिंग को स्पर्श नहीं करना चाहिए। जिस स्थान पर शिवलिंग रखा हो, वहां शुद्धता और पवित्रता बनाए रखें।
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