Hanuman Chalisa

Shradh 2025: विश्व का एकमात्र तीर्थ जहां केवल मातृ श्राद्ध का है विधान, ‘मातृगया’ के नाम से है प्रसिद्ध

WD Feature Desk
बुधवार, 17 सितम्बर 2025 (15:32 IST)
Matra gaya: पितृ पक्ष में पितरों के श्राद्ध और पिंडदान के लिए गया का नाम हर किसी की जुबान पर होता है। माना जाता है कि यहां पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा तीर्थ भी है, जो विशेष रूप से माताओं के श्राद्ध के लिए जाना जाता है? यह सिद्ध स्थान गुजरात के पाटन जिले में स्थित सिद्धपुर है, जिसे लोग 'मातृगया' भी कहते हैं। यह स्थान सदियों से अपनी अनोखी परंपरा के लिए जाना जाता है, जहां सिर्फ मां के मोक्ष के लिए पिंडदान और श्राद्ध कर्म किए जाते हैं।

क्यों खास है सिद्धपुर?
सिद्धपुर का नाम भगवान शिव के अवतार कपिल मुनि से जुड़ा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऋषि कर्दम और देवहूति के पुत्र कपिल मुनि ने अपनी माता के मोक्ष के लिए यहां तपस्या की थी। उन्होंने अपनी मां को ज्ञान और भक्ति का मार्ग दिखाया, जिससे देवहूति ने यहीं मोक्ष प्राप्त किया। इसी कारण यह स्थान माताओं के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। यहां बहने वाली सरस्वती नदी को भी विशेष दर्जा प्राप्त है, क्योंकि माना जाता है कि यह नदी सीधे पाताल से निकलती है और इसमें स्नान करने से मां के प्रति किए गए सभी कर्मों का फल मिलता है।

सिर्फ मां के श्राद्ध की अनोखी परंपरा
भारत में पितृ तर्पण और श्राद्ध के लिए कई स्थान हैं, जैसे गया, हरिद्वार, और वाराणसी। लेकिन सिद्धपुर एकमात्र ऐसा स्थान है जहां केवल मातृ श्राद्ध का विधान है। यहां की यह अनोखी परंपरा इसे देश के अन्य तीर्थ स्थलों से अलग बनाती है। लोग दूर-दूर से अपनी माताओं की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए यहां पिंडदान करने आते हैं। यह मान्यता है कि इस पवित्र भूमि पर किया गया श्राद्ध सीधे मां की आत्मा तक पहुंचता है और उन्हें जन्म-मरण के बंधन से मुक्त कर देता है।

बड़ी-बड़ी हस्तियों ने किया है मातृ श्राद्ध
सिद्धपुर का महत्व इतना गहरा है कि परशुराम और कपिल मुनि तक ने यहां अपनी माताओं का श्राद्ध किया था। आज के समय में कई प्रसिद्ध हस्तियां भी यहां अपनी माताओं का पिंडदान करने आ चुकी हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्व सरसंघचालक गुरु गोलवलकर ने अपनी मां का श्राद्ध यहीं किया था। हाल के वर्षों में, बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने भी अपनी मां तेजी बच्चन के लिए यहां श्राद्ध कर्म किया था, जिससे इस स्थान की ख्याति और भी बढ़ गई।
ALSO READ: shradh 2025: अर्पण और तर्पण में क्या है अंतर? जानें क्यों पितृपक्ष में तर्पण है सबसे महत्वपूर्ण

अस्वीकरण (Disclaimer) : सेहत, ब्यूटी केयर, आयुर्वेद, योग, धर्म, ज्योतिष, वास्तु, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार जनरुचि को ध्यान में रखते हुए सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

शुक्र का सिंह राशि में गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जरूर करें ये 3 उपाय

अमरनाथ यात्रा 2026: निकलने से पहले जरूर कर लें ये 5 जरूरी तैयारियां, तभी रहेगा सफर सुरक्षित

Vakri Budh Effect: बुध की कर्क राशि में वक्री चाल, इन 3 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क

क्या धरती से टकराएगा विशालकाय उल्कापिंड? जानें कब सच हो सकती है यह भविष्यवाणी

राहु-गुरु का षडाष्टक योग बना, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (06 जुलाई, 2026)

06 July Birthday: आपको 6 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 6 जुलाई 2026: सोमवार का पंचांग और शुभ समय

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (05 जुलाई, 2026)

Weekly Horoscope 06 to 12 July 2026: 06 से 12 जुलाई तक कैसा रहेगा आपका सप्ताह? शॉर्ट में पढ़ें साप्ताहिक राशिफल

अगला लेख