Daily Horoscope
✕

16 श्राद्ध कर्म करने का कौन-सा समय सबसे श्रेष्ठ, जब आते हैं पितृ

Webdunia
शुक्रवार, 9 सितम्बर 2022 (16:04 IST)
Pitru Shradh Paksha : श्राद्धपक्ष में पिंडदान, तर्पण या पितृपूजा करने का एक निश्‍चित समय‍ नियुक्त है। उस श्रेष्ठ समय में ही पितृलोक से पितृ धरती पर आते हैं। यदि आप इस नियुक्त समय में ही श्राद्ध कर्म करेंगे तो आपको इसका पूर्ण लाभ मिलेगा। आओ जानते हैं कि पितृपक्ष में श्राद्ध करने का कौनसा समय श्रेष्ठ होता है। इस बार श्राद्ध पण 10 सितंबर से 25 सितंबर 2022 तक रहेंगे।
 
1. चार सबसे श्रेष्ठ समय : शास्त्रों के अनुसार कुतुप, रोहिणी, मध्याह्न और अभिजीत काल में श्राद्ध करना चाहिए। यही श्राद्ध करने का सही समय है।
 
2. कुतुप काल : कुतुप काल दिन के 11:30 बजे से 12:30 के मध्य का समय होता है। वैसे 'कुतुप बेला' दिन का आठवां मुहुर्त होता है। पाप का शमन करने के कारण इसे 'कुतुप' कहा गया है।
3. अभि‍जीत मुहूर्त : अभिजीत मुहूर्त हर दिन के हिसाब से अलग अलग होता है। किसी दिन यह नहीं भी रहता है।यह कुतुप काल के आसपास का ही मुहूर्त होता है।
 
4. रोहिणी काल : रोहिणी काल अर्थात रोहिणी नक्षत्र काल के दौरान श्राद्ध किया जा सकता है।
 
5. मध्याह्नकाल : यदि कुतुप, अभि‍जीत या रोहिणी काल ज्ञात न हो तो मध्याह्नकाल में श्राद्ध करना श्रेष्ठ रहता है। यानी श्राद्ध का समय तब होता है जब सूर्य की छाया पैरों पर पड़ने लगे।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

Dhanteras Yam Deepak 2026: धनतेरस पर यम दीपम का सही समय क्या है? जानें क्यों जलाया जाता है यह दीपक

श्री कुबेर चालीसा: Shri kubera chalisa

सिंह राशि में मंगल का महागोचर: क्या आपकी किस्मत चमकने वाली है या बढ़ेगा तनाव? जानें सभी 12 राशियों का हाल

सूर्य का विशाखा नक्षत्र में गोचर, 6 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बंपर लाभ

Annual Numerology 2027 : मूलांक 5 वालों को मिलेंगे नए अवसर, किन मामलों में बरतनी होगी सावधानी, जानें अंक भविष्यफल

सभी देखें

धर्म संसार

03 November Birthday: आपको 3 नवंबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज 03 नवंबर, 2026 का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का भविष्यफल

Surya Gochar 2026: सूर्य का विशाखा नक्षत्र में प्रवेश, जानिए 12 राशियों पर कैसा होगा असर

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 03 नवंबर 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

श्री कुबेर जी की आरती इमेज फॉर्मेट में: kuber devta ki aarti image

अगला लेख