Dharma Sangrah

शीतलाष्टमी व्रत आज, जानें पौराणिक महत्व, मान्यता और बसौरा के बारे में खास जानकारी

WD Feature Desk
गुरुवार, 19 जून 2025 (09:51 IST)
Ashadha Sheetala Ashtami Vrat 2025 : हिन्दू पंचांग कैलेंडर के अनुसार साल 2025 में आषाढ़ माह का शीतलाष्टमी व्रत 19 जून, गुरुवार को यानी आज मनाया जा रहा है। आषाढ़ कृष्ण अष्टमी को शीतलाष्टमी के रूप में मनाया जाता है, जिसे कई क्षेत्रों में बसौरा भी कहा जाता है।ALSO READ: आषाढ़ की अष्टमी पर कैसे करें शीतला माता की पूजा, जानें सही तरीका

इस दिन का धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक दृष्टिकोण से विशेष महत्व है। इस समय उत्तर भारत में शीतलाष्टमी व्रत, बिहार में शीतलाष्टमी परंपरा, राजस्थान की शीतलाष्टमी पूजा के रूप में यह पर्व मनाया जाता हैं। आइए जानें कि शीतलाष्टमी के दिन की पौराणिक मान्यता, महत्व, बसौरा क्यों मनाया जाता है और विधि....
 
पौराणिक मान्यता: स्कंद पुराण में शीतला माता की महिमा का उल्लेख मिलता है। माता शीतला को हाथ में झाडू, जल का पात्र और नीम की पत्तियों के साथ चित्रित किया जाता है। यह मान्यता है कि जो भक्त शीतलाष्टमी को श्रद्धा से मनाते हैं, उनके घर में महामारी या गंभीर रोग नहीं आते।
 
शीतलाष्टमी का महत्व: शीतलाष्टमी का मुख्य उद्देश्य शीतला माता की पूजा करना होता है, जो रोगों से रक्षा करने वाली देवी मानी जाती हैं, विशेष रूप से चेचक या स्मॉलपॉक्स और अन्य संक्रामक रोगों से। मान्यतानुसार माता शीतला की पूजा करने से घर में स्वास्थ्य और शांति बनी रहती है।
 
बसौरा (बासी भोजन) का महत्व: धार्मिक पारंपरिक आस्थानुसार इस दिन ताजा खाना नहीं बनाया जाता। पूजा में सिर्फ एक दिन पहले का बना हुआ बासी भोजन ही ग्रहण किया जाता है। यह परंपरा शीतला माता को ठंडा भोजन पसंद होने की मान्यता पर आधारित है। पुराने समय में जब मेडिकल सुविधाएं नहीं थीं, तब यह त्योहार जन-स्वास्थ्य चेतना का प्रतीक भी था, यह व्रत स्वास्थ्य का संकेत होता था, जो कि यह दर्शाता है कि रोगों से बचाव हेतु शुद्धता और ठंडक का पालन।
 
व्रत और पूजा विधि:
- इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और माता शीतला की पूजा करते हैं।
- पूजा में ठंडा भोजन/ बासी खाना चढ़ाया जाता है, जो खास बात है। इसलिए इस दिन एक दिन पहले भोजन बनाकर रखा जाता है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: आषाढ़ कृष्ण अष्टमी को क्यों मनाते हैं शीतलाष्टमी, जानें इस दिन बसौरा मनाने का महत्व

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

अधिक मास कब से कब तक? इस पवित्र महीने में करें ये 5 शुभ काम, खुल सकता है भाग्य

क्या आपके मोबाइल नंबर का अंतिम अंक आपके लिए शुभ है ?

साल में 2 बार क्यों आता है खरमास? जानिए मलमास, अधिकमास और पुरुषोत्तम मास का रहस्य

हिंदू पुराण, ज्योतिष, नास्त्रेदमस, बाबा वेंगा और भविष्‍य मालिका की 6 कॉमन भविष्यवाणियां

1914 के विश्‍व युद्ध का इतिहास दोहराएगा 2026, दोनों साल के कैलेंडर में चौंकाने वाली समानता

सभी देखें

धर्म संसार

April Monthly Horoscope 2026: अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: जानिए कैसे बदलेंगे आपके जीवन के हालात इस महीने

Hanuman Jayanti 2026 Remedies: हनुमान जयंती पर करें ये प्रमुख 5 अचूक उपाय, चमत्कार होगा

हनुमान जयंती पर सिद्ध करें ये 3 चमत्कारी साबर मंत्र, जीवन के 5 बड़े संकटों में मिलेगी तुरंत मदद

मंगल का मीन राशि में गोचर: जानें 12 राशियों पर क्या होगा असर

Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती पर क्या करें और क्या नहीं करें?

अगला लेख