Hanuman Chalisa
✕

शीतला अष्टमी 2020 : Smallpox के प्रकोप से दूर रखेगी शीतला पूजा, जानें उपाय एवं पूजन का फल

Webdunia
sheetla mata pujan 2020
 
शीतला सप्तमी और शीतला अष्टमी व्रत मनुष्य को चेचक के रोगों से बचाने का प्राचीन काल से चला आ रहा व्रत है। आयुर्वेद की भाषा में चेचक का ही नाम शीतला कहा गया है।

Smallpox, चेचक (शीतला, बड़ी माता, स्मॉल पॉक्स, मसूरिका आदि नामों से जाना जाने वाला यह एक विषाणु जनित रोग है। इसके निवारण के लिए शीतला सप्तमी और शीतला अष्टमी के दिन शीतला माता की उपासना में शारीरिक शुद्धता, मानसिक पवित्रता और खान-पान की सावधानियों का संदेश मिलता है।

आइए जानें शीतला माता का स्वरूप, रोगी क्या उपाय करें एवं व्रत का फल - 
 
शीतला माता का स्वरूप
 
शीतला स्तोत्र में शीतला का जो स्वरूप बताया गया है, वह शीतला के रोगी के लिए अत्यंत हितकारी है-
 
वन्देऽहं शीतलां देवीं रासमस्थां दिगम्बराम्‌।
मार्जनीकलशोवेतां शूर्पालंकृतमस्तकाम्‌॥
 
- अर्थात शीतला दिगम्बरा हैं, गर्दभ पर आरूढ़ रहती हैं। सूप (छाज), झाडू और नीम के पत्तों से अलंकृत होती हैं तथा हाथ में शीतल जल का कलश रखती हैं।
 
शीतला के रोगी क्या न करें- 
 
* इस रोग का प्रकोप जिस घर में होता है, वहां अन्नादि की सफाई व झाड़ू लगाना वर्जित है।
 
* रोगी को गरम वस्तुओं तथा खाद्य पदार्थों से दूर रखें।
 
* रोगी को तले खाद्य पदार्थ न दें।
 
* रोगी को नमक भी नहीं देना चाहिए।
 
शीतला रोग का उपाय- 
 
* वास्तव में शीतला के रोगी की देह में दाहयुक्त फोड़े हो जाते हैं, जिसके कारण उसे नग्नप्राय रहना पड़ता है। गधे की लीद की गंध से फोड़ों की पीड़ा में आराम मिलता है।
 
* सूप व झाड़ू रोगी के सिरहाने रखते हैं।
 
* नीम के पत्तों के कारण रोगी के फोड़े में सड़न पैदा नहीं होती।
 
शीतलाष्टमी व्रत का फल- 
 
इस व्रत को करने से व्रती के कुल में दाह ज्वर, पीत ज्वर, विस्फोटक दुर्गंधयुक्त फोड़े, समस्त नेत्र रोग, शीतला की फुंसियों के चिह्न और शीतलाजनित सर्वरोग दूर होते हैं। इस व्रत के करने से शीतला माता सदैव संतुष्ट रहती हैं।

ALSO READ: शीतला अष्टमी 2020 : जानिए शीतला पूजन के बारे में 15 विशेष बातें

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

Diwali 2026: दिवाली की रात चुपचाप कर लें ये 5 गुप्त प्रयोग, साल भर होगी अपार धन की वर्षा

दिवाली के पहले धनतेरस पर बनाएं कुबेर-लक्ष्मी 'धन वर्षा पोटली': वर्षभर घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि

दीपावली पर कितने दीपक जलाने चाहिए? कहां-कहां जलाते हैं ये दीप? जानिए परंपरा का महत्व

Lakshmi vs Kamala Devi: माता लक्ष्मी और कमला माता में क्या है बड़ा अंतर? सच जानकर रह जाएंगे हैरान

Diwali Traditions 2026: बंगाल में काली, गुजरात में चोपड़ा तो दक्षिण भारत में क्या? जानें दिवाली पर राज्यों की अनोखी परंपराएं

सभी देखें

धर्म संसार

Diwali 2026 Chopra Puja: दिवाली की रात क्यों की जाती है 'चोपड़ा पूजा'? जानें इसके पीछे का खास रहस्य

Narak Chaturdashi 2026: नरक चतुर्दशी की रात हनुमान जी की पूजा क्यों की जाती है? जानें इसके पीछे का बड़ा रहस्य

दीप जलें हर द्वार, तभी सजेगा समृद्धि का संसार

अयोध्या दीपोत्सव: आस्था, अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता का पर्वोत्कर्ष

Guru Ketu Yuti 2026: 5 दिसंबर तक सिंह राशि में गुरु-केतु की युति, इन 5 राशियों की खुलने वाली है लॉटरी

अगला लेख