शरद पूर्णिमा कब है? इस दिन ये 10 कार्य करने से होगा नुकसान
Sharad purnima kab hai: शरद पूर्णिमा के दिन खीर खाने का है महत्व
Publish Date: Friday, 30 January 2026 (17:42 IST)
Updated Date: Friday, 30 January 2026 (01:44 IST)
Sharad Purnima 2024: आश्विन माह की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं। 16 अक्टूबर 2024 बुधवार के दिन शरद पूर्णिमा पर इस बार दिल्ली में शाम 05 बजकर 13 मिनट पर चांद का उदय होगा। पूर्णिमा तिथि 16 अक्टूबर को रात में 08:40 बजे प्रारंभ होगी और 17 अक्टूबर को शाम को 04:55 बजे समाप्त होगी। इस मान से 16 अक्टूबर को रहेगी शरद पूर्णिमा। इस दिन चंद्रमा के प्रकाश में रखी हुई खीर खाने की परंपरा है। इस दिन चन्द्रमा न केवल सभी सोलह कलाओं के साथ चमकता है, बल्कि शरद पूर्णिमा के चन्द्रमा की किरणों में उपचार के कुछ गुण भी होते हैं जो शरीर और आत्मा को सकारात्मक उर्जा प्रदान करते हैं, लेकिन इस दिन 10 कार्य कतई नहीं करना चाहिए अन्यथा नुकसान होगा।
शरद पूर्णिमा पर पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 05:56 से 07:12 के बीच।
शरद पूर्णिमा पर न करें ये 10 कार्य:-
1. भोजन : इस दिन किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। जैसे मांस, मटन, चिकन या मसालेदार भोजन, लहसुन, प्याज आदि।
2. शराब : इस दिन किसी भी हालत में आप शराब ना पिएं क्योंकि इस दिन शराब का दिमाग पर बहुत गहरा असर होता है। इससे शरीर पर ही नहीं, आपके भविष्य पर भी दुष्परिणाम हो सकते हैं।
3. क्रोध : इस दिन क्रोध नहीं करना चाहिए। वैज्ञानिकों के अनुसार इस दिन चन्द्रमा का प्रभाव काफी तेज होता है इन कारणों से शरीर के अंदर रक्त में न्यूरॉन सेल्स क्रियाशील हो जाते हैं और ऐसी स्थिति में इंसान ज्यादा उत्तेजित या भावुक रहता है। एक बार नहीं, प्रत्येक पूर्णिमा को ऐसा होता रहता है तो व्यक्ति का भविष्य भी उसी अनुसार बनता और बिगड़ता रहता है।
4. भावना : जिन्हें मंदाग्नि रोग होता है या जिनके पेट में चय-उपचय की क्रिया शिथिल होती है, तब अक्सर सुनने में आता है कि ऐसे व्यक्ति भोजन करने के बाद नशा जैसा महसूस करते हैं और नशे में न्यूरॉन सेल्स शिथिल हो जाते हैं जिससे दिमाग का नियंत्रण शरीर पर कम, भावनाओं पर ज्यादा केंद्रित हो जाता है। अत: भावनाओं में बहें नहीं खुद पर नियंत्रण रखकर व्रत करें।
5. स्वच्छ जल : चांद का धरती के जल से संबंध है। जब पूर्णिमा आती है तो समुद्र में ज्वार-भाटा उत्पन्न होता है, क्योंकि चंद्रमा समुद्र के जल को ऊपर की ओर खींचता है। मानव के शरीर में भी लगभग 85 प्रतिशत जल रहता है। पूर्णिमा के दिन इस जल की गति और गुण बदल जाते हैं। अत: इस दिन जल की मात्रा और उसकी स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें।
6. लेन-देन : इस दिन धन का लेन-देन आपको आर्थिक संकट में डाल सकता है। अत: आप किसी भी प्रकार से दन का लेन देन न करें।
7. काले रंग से बचें : इस दिन काले रंग का प्रयोग न करें और ना ही नकारात्मक बातें सोचे।
8. दान न करें : इस दिन सूर्यास्त के बाद दान न करें। कहते हैं कि ऐसे करने से घर में गरीबी आती है।
9. बालों में कंघी न करें : मान्यता अनुसार महिलाएं इस दिन सूर्यास्त के बाद बालों में कंघी न करें, क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है।
10. महिला संग शयन न करें : इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें अर्थात महिला संग शयन न करें।