Hanuman Chalisa

जहां शनिदेव को श्रीकृष्‍ण ने दिए थे कोयल के रूप में दर्शन

अनिरुद्ध जोशी
Shani Mandir Kokilavan
 
आप यह तो जानते ही होंगे कि महाराष्ट्र के एक गांव शनि शिंगणापुर में शनिदेव का सिद्ध स्थान है। यह बहुत ही चमरिक स्थान है। इसी तरह मध्यप्रदेश के ग्वालियर के पास स्थित है शनिश्चरा मन्दिर। इसके बारे में किंवदंती है कि यहां हनुमानजी के द्वारा लंका से फेंका हुआ अलौकिक शनिदेव का पिण्ड है। मतलब यह कि दोनों ही स्थानों पर एक आलौकिक पत्‍थर है। परंतु क्या आप जानते हैं कि एक जगह ऐसी भी है जहां पर स्वयं श्रीकृष्‍ण ही शनिदेव के रूप में विराजमान है। नहीं, तो आओ जानते हैं। 
 
सिद्ध शनिदेव : 
 
1. शनिदेव का यह मंदिर मथुरा के कोसीकलां (कोकिलावन) में स्थित है। इस मंदिर की मान्यता भी शनि शिंगणापुर की तरह ही मानी गई है। उत्तरप्रदेश के कोशी से छह किलोमीटर दूर कोकिलावन स्थित है। 
 
2. इसके बारे में पौराणिक मान्यता है कि यहां शनिदेव के रूप में स्वयं भगवान कृष्ण भी विद्‍यमान रहते हैं। 
 
3. मान्यता है कि जो इस वन की परिक्रमा करके शनिदेव की पूजा करेगा वहीं कृष्ण की कृपा पाएंगे। उस पर से शनिदेव का प्रकोप भी हठ जाएगा। मंदिर के चारों ओर करीब 3 किलोमीटर के गोल घेरे में परिक्रमा पथ बना हुआ है। यहां आने वाले भक्त भगवान शनि की पूजा करने से पहले मंदिर की परिक्रमा करते हैं।
 
4. ऐसी मान्यता है कि यहां पर शनिदेव ने श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए कठोर तपस्या की थी। तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान कृष्ण ने शनिदेव को कोयल के रूप में दर्शन दिए थे, इसलिए इस स्थान को कोकिलावन के नाम से भी जाना जाता है।
 
5. जनश्रुति कथा के अनुसार मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था तब स्वर्ग से सभी देवताओं के सात शनिदेव की कृष्ण के बाल रूप को देखने मथुरा आए थे। नंदबाबा को जब यह पता चला तो उन्होंने भयवश शनिदेव को दर्शन कराने से मना कर दिया। नन्द बाबा को लगा कि शनिदेव की दृष्टि पड़ते ही कहीं कृष्ण के साथ कुछ अमंगल न हो जाए। तब मानसिक रूप से शनिदेव ने भगवान श्रीकृष्ण से दर्शन देने की विनती की तो कृष्ण ने शनिदेव को कहा कि वे नंदगांव के पास के वन में जाकर तपस्या करें, वहीं मैं उन्हें दर्शन दूंगा। बाद में शनिदेव की तपस्या से भगवान श्रीकृष्ण बहुत प्रसन्न हुए और कोयल के रूप में उन्होंने शनिदेव को दर्शन दिया।

ALSO READ: sade sati : साढ़े साती चल रही है और 10 बातें घटित हो तो समझो शनिदेव नाराज हैं आपसे

ALSO READ: शनिवार को करें माता कालिका का ये उपाय, शनि, कालसर्प और पितृदोष से मिलेगी मुक्ति
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

अयोध्या में क्यों मनाया जाता है श्रीराम राज्य महोत्सव? जानें इसका धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व

Numerology Horoscope 23 to 29 March 2026: मूलांक के अनुसार साप्ताहिक भविष्यफल: क्या कहते हैं आपके अंक इस सप्ताह?

Weekly Horoscope March 2026: जीवन में कई बदलावों का संकेत देगा यह सप्ताह, (साप्ताहिक राशिफल 23 से 29 मार्च तक)

बुध का कुंभ में मार्गी गोचर: शनि के प्रभाव से इन 4 राशियों की बढ़ सकती हैं परेशानियां

बुध का कुंभ राशि में मार्गी गोचर: 12 राशियों पर बड़ा असर, जानें आपका राशिफल

सभी देखें

धर्म संसार

28 March Birthday: आपको 28 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 28 मार्च 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

महावीर जयंती पर करें ये 5 कार्य, मिलेगा सुख और शांति का आशीर्वाद

Mahavir Swami Quotes: भगवान महावीर के 10 अनमोल विचार जो बदल देंगे आपका जीवन

वर्ष 2026 में कब है हनुमान जयंती?

अगला लेख