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Shani jayanti 2026: शनि जयंती कब है, तैयारी करने शनि के प्रकोप से मुक्ति की

शनि जयंती 2026: तारीख, महत्व और शनि दोष से बचने के आसान उपाय

वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम
मंगलवार, 5 मई 2026 (09:43 IST)
Shani jayanti 2026: साल 2026 में शनि जयंती 16 मई, शनिवार को मनाई जाएगी। शनि जयंती ज्येष्ठ मास की अमावस्या को पड़ती है। इसी दिन भगवान शनि का जन्म हुआ था। मान्यता है कि इस दिन किए गए उपाय शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और कुंडली के दोषों से मुक्ति दिलाते हैं। यहाँ शनि देव के प्रकोप से बचने और उनकी कृपा पाने के लिए करें तैयारी।
 

शनि जयंती 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

अमावस्या तिथि प्रारम्भ- 16 मई 2026 को प्रात: 05:11 बजे से।
अमावस्या तिथि समाप्त- 17 मई 2026 को देर रात 01:30 बजे तक।
शुभ मुहूर्त:
अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:50 से 12:45 तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम को 07:04 से 07:25 तक।

अचूक उपायों के लिए आगे क्लिक करें: ALSO READ: शनिदेव की कृपा के ये गुप्त संकेत पहचानें, जीवन में आएंगे बड़े बदलाव

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शनि के प्रकोप से मुक्ति के लिए विशेष तैयारी

1. पूजा की आवश्यक सामग्री

 

2. पूजन विधि: कैसे करें प्रसन्न?

तेल अभिषेक: शनि मंदिर जाकर शनि देव की शिला या प्रतिमा पर सरसों का तेल अर्पित करें। ध्यान रखें कि तेल चढ़ाते समय उनकी आंखों में न देखें, बल्कि चरणों की ओर दृष्टि रखें।
दीप दान: संध्याकाल में पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसमें थोड़े काले तिल डालना न भूलें।
शमी पूजन: यदि घर में शमी का पौधा है, तो उसकी पूजा करें और जड़ में जल अर्पित करें।
 

3. अचूक मंत्रों का जाप

पूजा के दौरान इन मंत्रों का कम से कम 108 बार जाप करें:
बीज मंत्र: ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
शांति मंत्र: ॐ शं शनैश्चराय नमः
 
हनुमान चालीसा: शनि के प्रकोप से बचने का सबसे सरल और शक्तिशाली उपाय हनुमान चालीसा का पाठ है, क्योंकि हनुमान जी के भक्तों को शनि देव कभी कष्ट नहीं देते।
 

इन 5 बातों का रखें विशेष ध्यान (डूस एंड डोंट्स)

कर्मों की शुद्धि: शनि देव न्याय के देवता हैं। शनि जयंती पर संकल्प लें कि आप किसी असहाय, निर्धन या कर्मचारी को परेशान नहीं करेंगे।
इन वस्तुओं का दान: निर्धन व्यक्ति को काले जूते, छाता, काली उड़द की दाल या कंबल दान करना अत्यंत लाभकारी होता है।
सात्विकता: इस दिन पूरी तरह सात्विक रहें। तामसिक भोजन (मांस-मदिरा) से दूरी बनाए रखें, वरना लाभ की जगह हानि हो सकती है।
पक्षियों की सेवा: काले कौओं या कुत्तों को तेल से चुपड़ी हुई रोटी खिलाने से शनि दोष में भारी कमी आती है।
लोहा न खरीदें: शनि जयंती के दिन घर में लोहा, तेल या नमक खरीदकर न लाएं।
एक खास बात: यदि आप पर साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, तो इस दिन 'शनि स्तोत्र' का पाठ करना आपके कष्टों को आधा कर सकता है।

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