khatu shyam baba

शनि जयंती 2020 : आप नहीं जानते होंगे Lord Shani की ये अनूठी विशेषताएं

Webdunia
Lord Shani Jyanati 2020
-हिमांशु राठौड़
 
शनिदेव अत्यंत विशिष्ट देव हैं। वे ग्रह भी है और देवता भी.... उनका प्रताप ऐसा है कि वे राजा को रंक और रंक को राजा बना देते हैं....।
 
आइए जानते हैं शनिदेव की विशेषताएं... 
 
(1) शनिदेव कलियुग के साक्षात भगवान हैं। 
 
(2) शनि आधुनिक युग के न्यायाधीश हैं और न्याय हमेशा अप्रिय होता है इसलिए उसे क्रूर समझते हैं।
 
(3) शनिदेव का काला रंग ही ऐसा रंग है, जिस पर दूजा रंग नहीं चढ़ता है। 
 
(4) शनि का धातु लौह-इस्पात है, जो सबसे अधिक उपयुक्त तथा शक्तिशाली है। 
 
(5) शनि की प्रिय वस्तुएं- तेल, कोयला, लौह, काला तिल, उड़द, जूता, चप्पल दान के रूप में प्रदान किया जाता है। 
 
(6) शनिदेव की स्थापना में- समय तथा श्रम का आंशिक दान सर्वोत्तम दान है। 
 
(7) श्री शनिदेव अध्यात्म के मालिक हैं, किसी भी आराधना, साधना, सिद्धि हेतु शनिदेव की उपासना परमावश्यक है। 
 
(8) श्री शनिदेव संगठन के मालिक हैं, अत: उनकी कृपा बिना संयुक्त परिवार की कल्पना ही असंभव है। 
 
(9) शनिदेव सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, प्रशासनिक, विद्या, व्यापार आदि में स्थापित ऊंचाई देने का कार्य करते हैं। 
 
(10) शनिदेव रोगमुक्ति तथा आयुवृद्धि की सदैव कामना करते हैं। 
 
(11)  सूर्यपुत्र श्री शनिदेव मृत्युलोक के ऐसे स्वामी हैं, अधिपति हैं, जो समय आने पर व्यक्ति के अच्‍छे-बुरे कर्मों के आधार पर सजा देकर सुधारने के लिए प्रेरित करते हैं। 
 
(12) शनिदेव के अनेक नाम हैं तथा उनका कार्यक्षेत्र विस्तृत तथा विशाल है। 
 
(13) शनिदेव से राजा से लेकर रंक तक प्रभावित तथा डरे हुए रहते हैं। 
 
(14) शनिदेव नश्वर जगत के शाश्वत असाधारण देव है। 
 
(15) शनिदेव का आयुध- धनुष्य बाण और त्रिशूल है।
 
(16) शनि का वाहन गिद्ध तथा रथ लोहे का बना हुआ है। (मत्स्यपुराण 127.8)

ALSO READ: Shani Jayanti 2020 : भाग्य चमकाना है तो शनि जयंती और वट सावित्री अमावस्या पर करें ये सरल उपाय

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

हिंदू पुराण, ज्योतिष, नास्त्रेदमस, बाबा वेंगा और भविष्‍य मालिका की 6 कॉमन भविष्यवाणियां

सूर्य का मीन राशि में गोचर: इन 6 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन के नए रास्ते

चैत्र नवरात्रि 2026: घट स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है? जानें कलश स्थापना का सही समय

हिंदू नववर्ष 2083 के कौन है वर्ष का राजा और मंत्री, किन राशियों पर रहेगा शुभ प्रभाव

विक्रम संवत सबसे प्राचीन होने के बाद भी भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर क्यों नहीं बना? जानिए 3 बड़े कारण

सभी देखें

धर्म संसार

Mata siddhidatri: नवरात्रि की नवमी की देवी मां सिद्धिदात्री: अर्थ, पूजा विधि, आरती, मंत्र, चालीसा, कथा और लाभ

Mata mahagauri: नवरात्रि की अष्टमी की देवी मां महागौरी: अर्थ, पूजा विधि, आरती, मंत्र, चालीसा, कथा और लाभ

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (25 मार्च, 2026)

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 25 मार्च 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

25 March Birthday: आपको 25 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

अगला लेख