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पितृदोष निवारण हेतु लगाएं घर में यह पौधा

अनिरुद्ध जोशी
पेड़-पौधे और जड़ी-बूटियां बहुत चमत्कारिक होती है। यह जहां स्वास्थ्य के लिए हितकारी है वहीं इनके कई चमत्कारिक प्रयोग भी प्राचीनकाल से किए जाते रहे हैं। कहते हैं कि पौधे लगाने से वास्तु दोष ही नहीं और भी कई तरह के दोषों का निवारण होता है। इसी तरह का एक पौधा का उल्लेख शास्त्रों में मिलता है जिससे मान्यता अनुसार पितृदोष का निवारण हो जाता है। इस पौधे का नाम है अगस्त्य। यह बहुत ही दुर्लभ पौधा है।
 
 
अगस्त्य:- इसके पौथे को पितृदोषनाशक माना गया है। अगस्त्य का पौधा मिलना मुश्किल होता है। अगस्त्य के फूल सफेद अथवा गुलाबी रंग के होते हैं, जो शीत ऋतु में लगते हैं।
 
 
आयुर्वेद के अनुसार अगस्त्य पेड़ शरीर से विषैले तत्वों को निकालने का काम भी करता है। इसके पंचांग (फूल, फल, पत्ते, जड़ व छाल) रस और सब्जी के रूप में प्रयोग होते हैं। इस पेड़ में आयरन, विटामिन, प्रोटीन, कैल्शियम व कार्बोहाइड्रेट पर्याप्त मात्रा में होते हैं।
 
 
मयूर शिका:- मयूर शिका या मोर शिखा को दुष्टात्मानाशक माना गया है। इस पौधे का फूल मोर या मुर्गे के शिखा जैसा दिखता है। इसलिए इसे 'मुर्गे का फूल' या 'मयूर शिखा' कहते हैं। यह पौधा घर के अन्दर और बाहर समान रूप से उगाया जा सकता है। इस पौधे का उपयोग प्रायः सजाने के लिए किया जाता है। इसकी पत्तियां और फूल-सब्जी के रूप में भी प्रयुक्त होते हैं।

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