Hanuman Chalisa

प्रेम गीत : भीगी भीगी बरसातों में

राकेशधर द्विवेदी
भीगी भीगी बरसातों में
तुम ख्वाबों में छा जाते हो
 
मैं कैसे समझाऊं तुम्हें
मेरे सपनों में तुम आते हो
 
सौंधी सौंधी माटी की खुशबू 
कोई तान छोड़ कर जाती है
 
मद्धम मद्धम पुरवा पवन
गीत कोई सुनाती है
 
मैं तुम्हारी डीपी को चूमकर
उससे लिपटकर रोता हूं
 
तेरी यादों में ही मरता हूं
तेरी यादों में ही जीता हूं।
 
मिलन की बाट जोहता मैं
तेरी यादों के सपने बुनता हूं
 
कैसे बतलाऊं तुमको मैं
तुम्हे प्यार मैं कितना करता हूं।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

सावन मास पर एक भावपूर्ण और मौलिक हिंदी कविता

Shravan Essay: आस्था, प्रकृति और पवित्रता का उत्सव श्रावण मास, पढ़ें रोचक निबंध

आगे तो बढ़ रहे हैं… पर किस दिशा में? कहीं ऐसा तो नहीं कि जीवन बेहतर बनाने की दौड़ में हम जीना ही भूलते जा रहे हैं?

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

सभी देखें

नवीनतम

कविता- तू ना हो तो...

भारत की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में 6 बड़ी खामियां, आखिर कब होगा जरूरी सुधार?

लोकमान्य तिलक जयंती 2026: जीवन परिचय, इतिहास, महत्व और अनसुने तथ्य

Azad Jayanti 2026: जयंती विशेष: चन्द्रशेखर आजाद के जीवन की ऐसी घटनाएं, जिन्हें हर युवा को जानना चाहिए

ब्रिटिश सरकार न सरस्वती प्रतिमा वापस करेगी, न कोहिनूर हीरा

अगला लेख