Hanuman Chalisa

भगवान शिव के वृषभ अवतार की यह कथा नहीं जानते आप

Webdunia
देवो के देव महादेव की महिमा का कोई पार नही है शांति बनाए रखने के लिए शिव ने अपने ही पुत्र का वध कर दिया था। ब्रह्मांड की रक्षा के लिए भगवान विष्णु मां दुर्गा और शिव हमेशा तैयार रहते हैं। 
तीनों लोकों की रक्षा के लिए भगवान शिव को ‘वृषभ अवतार’ यानी बैल रूप भी धारण करना पड़ा।
 
शिवमहापुराण के अनुसार समुद्रमंथन के समय निकले अमृत को धारण करने के लिए देवताओं और दानवों में भीषण युद्ध हुआ भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धर के दानवों को छल से अमृत का पान करने से रोक लिया इस छल से आहत होकर वे फिर से देवताओं से लड़ने लगे पर फिर उन्हें हार का सामना करना पड़ा दानव भागते-भागते पाताल लोक तक चले गए भगवान विष्णु ने उनका वहां तक पीछा किया।
 
पाताल लोक में दानवों की कैद में शिव की भक्त अप्सराएं थी जिन्हें भगवान विष्णु ने मुक्त करवाया। विष्णु की मनोहर छवि पर सभी मोहित हो गई  और शिव से उन्हें अपनी पति रूप में मांगने लगी।
 
शिव ने अपनी माया से भगवान विष्णु को उनका पति बना दिया कुछ दिन भगवान विष्णु पाताल लोक में रुके और वैवाहिक जीवन व्यतीत करने लगे। कुछ सालों बाद विष्णुजी के उन अप्सराएं से पुत्रों का जन्म हुआ पर यह सभी दानवीय अवगुणों वाले थे।
 
उन्होंने तीनों लोकों में आतंक मचा दिया। सभी देवी देवता भगवान शिव की शरण में गए और समाधान मांगने लगे। भगवान शिव ने तब वृषभ अवतार धारण किया और पाताल लोक पहुंच कर एक-एक करके विष्णु के सभी दण्डी पुत्रों का संहार करने लगे। इस तरह भगवान शिव के वृषभ अवतार ने इस ब्रह्मांड को विष्णु के दानवीय पुत्रों से बचाया।

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

वैशाख महीना किन देवताओं की पूजा के लिए है सबसे शुभ? जानें इसका धार्मिक महत्व

ऑपरेशन सिंदूर 2.0: क्या फिर से होने वाला है भारत और पाकिस्तान का युद्ध, क्या कहता है ज्योतिष

महायुद्ध के संकेत! क्या बदलने वाला है कुछ देशों का भूगोल? ज्योतिष की चौंकाने वाली भविष्यवाणी

अक्षय तृतीया पर क्यों होता है अबूझ मुहूर्त? जानिए इसका रहस्य

बैसाखी कब है, क्या है इसका महत्व, जानिए खास 5 बातें

सभी देखें

धर्म संसार

वरुथिनी एकादशी 2026: जानें इसका अर्थ, पूजा विधि, शक्तिशाली मंत्र और मिलने वाले चमत्कारी लाभ

12 April Birthday: आपको 12 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

रोग पंचक शुरू: भूलकर भी न करें ये काम, वरना बढ़ सकती हैं परेशानियां

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 12 अप्रैल 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

Weekly Horoscope April 2026: इस सप्ताह का राशिफल (13 से 19 अप्रैल): किस राशि के लिए है भाग्यशाली समय?

अगला लेख