Hanuman Chalisa

क्यों बढ़ता जा रहा है मतंगेश्वर मंदिर का शिवलिंग, जानिए 5 रहस्य

Webdunia
मध्य प्रदेश के खजुराहो में स्थित है मतंगेश्वर का मंदिर। कहते हैं कि यह मंदिर 9वीं सदी में निर्मित हुआ था परंतु यहां का शिवलिंग बहुत ही प्राचीन है। इस शिवलिंग को महाभारत काल का बताया जाता है। इस मंदिर का नाम मतंगेश्वर महान मतंग ऋषि के नाम पर पड़ा है। आओ जानते हैं इस मंदिर के 5 रहस्य।
 
1. कहते हैं कि इस शिवलिंग का हर वर्ष आकार बढ़ जाता है। इस शिवलिंग की ऊंचाई लगभग ढाई मीटर और इसका व्यास एक मीटर बताया जाता है। मतंगेश्वर शिवलिंग का आकार धरती के ऊपर और नीचे हर साल बढ़ जाता है। 
 
2. हर साल की कार्तिक पूर्णिमा के दिन पर्यटन विभाग के कर्मचारी आकर इस शिवलिंग की माप करते हैं। जिससे पता चलता है कि इस शिवलिंग का आकार हर साल बढ़ रहा है।
 
3. यह भी कहा जाता है कि यहीं पर शिव और पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। इसीलिए यह मंदिर आदिदेव और आदिशक्ति के पवित्र प्रेम का प्रतीक भी माना जाता है।
 
4. इस मंदिर का निर्माण एक चमत्कारिक मणि रत्न के ऊपर कराया गया है। मान्यता अनुसार यह मणि स्वयं भगवान शिव ने सम्राट युधिष्ठिर को प्रदान की थी। जो कि हर मनोकामना पूरी करती थी। बाद में संन्यास धारण करते समय युधिष्ठिर ने इसे मतंग ऋषि को दान में दे दिया था। मतंग ऋषि के पास से यह मणि राजा हर्षवर्मन के पास आई। जिन्होंने इस मणि को धरती के नीचे दबाकर उसके उपर इस मंदिर का निर्माण कराया। आज भी मणि विशाल शिवलिंग के नीचे है।
 
5. शिवलिंग के बारे में मान्यता है कि यह शिवलिंग नीचे पाताल लोक की ओर और उपर स्वर्गलोक की ओर बढ़ रहा है। जब यह पाताललोक पहुंचेगा तब कलयुग का अंत हो जाएगा।
 
उल्लेखनीय है कि इसी तरह का एक शिवलिंग मध्य प्रदेश के जिला देवास में बिलावली में स्थित है, जो प्रतिवर्ष एक तिल तक बढ़ता जा रहा है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

आदि शंकराचार्य का काल निर्धारण: 508 ईसा पूर्व या 788 ईस्वी में हुए थे शंकराचार्य?

अचानक बदलने वाली है इन 5 राशियों की तकदीर, ग्रहों का बड़ा संकेत

नास्त्रेदमस को टक्कर देते भारत के 7 भविष्यवक्ता, जानें चौंकाने वाली भविष्यवाणियां

मांगलिक दोष और वैवाहिक जीवन: क्या वाकई यह डरावना है या सिर्फ एक भ्रांति?

करियर का चुनाव और कुंडली का दसवां भाव: ग्रहों के अनुसार चुनें सही कार्यक्षेत्र

सभी देखें

धर्म संसार

Ganga Saptami: गंगा सप्तमी का क्या है महत्व, पूजा विधि और उपाय

बनने वाला है बुधादित्य योग: इन 3 राशियों के बुरे दिन होंगे समाप्त, धन संबंधी हर समस्या होगी दूर

शुक्र के वृषभ राशि में गोचर से बना मालव्य राजयोग, 4 राशियों को मिलेगा अचानक से धन

Ganga Saptami 2026: गंगा सप्तमी का धार्मिक महत्व, परंपरा और दान

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (21 अप्रैल, 2026)

अगला लेख