Hanuman Chalisa

पर्वों पर पंचामृत क्यों चढ़ाते हैं? 5 सामग्री के 5 शुभ संकेत हैं, जानिए पंचामृत के 10 Health Benefits

Webdunia
रविवार, 10 अप्रैल 2022 (12:46 IST)
Benefits of Panchamrit
मंदिर में सभी त्योहार या विशेष दिनों में पंचामृत देवताओं की मूर्ति के समक्ष अर्पित भी किया जाता है, शिवलिंग पर इसे चढ़ाया जाता है और सभी को इसे प्रासाद रूप में वितरित भी किया जाता है। आम दिनों में चरणामृत वितरित करते हैं। आओ जानते हैं पंचामृत के बारे में कुछ खास।
 
 
पर्वों पर पंचामृत क्यों चढ़ाते हैं : पंचामत सभी देवी और देवताओं का प्रिय भोग है। इसे अर्पित करने से देवी और देवता प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं। पंचामृत को शिवलिंग पर अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। पर्व और त्योहारों पर पंचामृत इसलिए विपरित किया जाता है ताकि इस बहाने यह लोगों के शरीर को लाभ पहुंचाए और लोग इसके महत्व को भी समझें।
 
5 सामग्री के 5 शुभ संकेत : पंचामृत का अर्थ है 'पांच अमृत'। दूध, दही, घी, शहद, शकर को मिलाकर पंचामृत बनाया जाता है।
 
1. दूध- दूध पंचामृत का प्रथम भाग है। यह शुभ्रता का प्रतीक है अर्थात हमारा जीवन दूध की तरह निष्कलंक होना चाहिए।
 
2. दही- दही का गुण है कि यह दूसरों को अपने जैसा बनाता है। दही चढ़ाने का अर्थ यही है कि पहले हम निष्कलंक हो सद्गुण अपनाएं और दूसरों को भी अपने जैसा बनाएं।
 
3. घी- घी स्निग्धता और स्नेह का प्रतीक है। सभी से हमारे स्नेहयुक्त संबंध हो, यही भावना है।
 
4. शहद- शहद मीठा होने के साथ ही शक्तिशाली भी होता है। निर्बल व्यक्ति जीवन में कुछ नहीं कर सकता, तन और मन से शक्तिशाली व्यक्ति ही सफलता पा सकता है।
 
5. शकर- शकर का गुण है मिठास, शकर चढ़ाने का अर्थ है जीवन में मिठास घोलें। मीठा बोलना सभी को अच्छा लगता है और इससे मधुर व्यवहार बनता है।
पंचामृत के 10 Health Benefits : 
 
1. पंचामृत का सेवन करने से शरीर पुष्ट और रोगमुक्त रहता है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, अर्थात इम्युनिटी बढ़ती है।
 
2. पंचामृत से जिस तरह हम भगवान को स्नान कराते हैं ऐसा ही खुद स्नान करने से शरीर की कांति बढ़ती है। 
 
3. इसका उचित मात्रा में नियमित सेवन करने से बाल काले और घने होते हैं। 
 
4. यह मानसिक विकास में सहायक है। मस्तिष्क से कार्य करने वालों के लिऐ यह लाभदायक है।
 
5. यह पित्त दोष को संतुलित करता है।
 
6. यह पुरुषों में वीर्य की ताकत बढ़ाता है।
 
7. गर्भवती महिलाएं यदि डॉक्टर से पूछकर इसका उचित मात्रा में सेवन करे तो यह बहुत ही ज्यादा लाभदायी है।
 
8. पंचामृत में तुलसी का एक पत्ता डालकर इसका नियमित सेवन करते रहने से आजीवन किसी भी प्रकार का रोग और शोक नहीं होता। 
 
9. माना जाता है कि इससे कैंसर, हार्ट अटैक, डायबिटिज, कब्ज और ब्लड प्रेशर जैसी रोगों से बचा जा सकता है।
 
10. पंचामृत सेवन से आत्मिक शांति मिलती है और चिंताएं दूर होती हैं।
 
नोट : पंचामृत उसी मात्रा में सेवन करना चाहिए जिस मात्रा में किया जाता है। उससे ज्यादा नहीं। 
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

health care tips: खून गाढ़ा होने के प्रमुख लक्षण, रोग, कारण और उपचार

Main Door Vastu: मुख्य दरवाजे पर भूलकर भी न लगाएं ऐसी तस्वीरें, घर में आती है बदहाली

आम का रस और कैरी पना, दोनों साथ में पीने से क्या होता है?

क्या गर्मियों में आइसक्रीम खाना बढ़ा सकता है अस्थमा का खतरा?

गैस सिलेंडर खत्म होने का डर छू मंतर! बिना LPG गैस के भी पक सकता है खाना, ये 7 तरीके हैं सबसे बेस्ट

सभी देखें

नवीनतम

भारत का वह 'हार्मुज़', जो चीन को तबाह कर सकता है...!

Easter Sunday 2026: ईस्टर संडे का महत्व, इतिहास और पौराणिक परंपराएं

Easter Saturday: ईस्टर सैटरडे क्या होता है, ईसाई समुदाय के लिए इसका क्या है महत्व

मधुमेह रोगियों को नारियल पानी कब पीना चाहिए?

Good Friday: गुड फ्राइडे से जुड़ी 6 खास परंपराएं जानिए

अगला लेख