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हरियाली अमावस्या के दिन 5 पौधे जरूर रोपें

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Hariyali amavasya me podha ropan 2023 : श्रावण मास की अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार यह अमावस्या 17 जुलाई 2023 सोमवार के दिन रहेगी। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार हरियाली अमावस्या के दिन प्लांटेशन करना अतिशुभ माना जाता है। यदि आप भी इस दौरान पौधे लगाना चाहते हैं तो हमारे बताए 5 पौधे जरूर लगाएंगे तो होगा बहुत ही शुभ।
 
1. नीम : नीम का पौधा लगाना बहुत ही शुभ है। इससे मंगल के सभी दोष दूर हो जाते हैं। जीवन में मंगल ही मंगल होता रहता है।
 
2. पीपल : कहीं पर भी पीपल का पौधा लगाएं। इससे बृहस्पति का दोष दूर होकर सभी तरह के संकट मिट जाता हैं और जातक लंबी आयु प्राप्त करता है।
 
3. इमली : इसका मौधा लगाना भी बहुत शुभ माना गया है। इमली के कई औषधीय गुण होते हैं। जैसे इसका उपयोग घाव भरने, सूजन, बुखार, नेत्र से जुड़ी बीमारी, मलेरिया, कब्ज, पेट से जुड़ी बीमारियों, पेचिश और कृमि, मधुमेह, गठिया आदि में होता है।
 
4. कैथ : पौष्टिकता के साथ-साथ कैथ औषधीय दृष्टि से भी बहुत फायदेमंद होता है। 
 
5. बेल : बेल यानी बिल्व पत्र का पेड़ बहुत ही शुभ माना जाता है। माना जाता है कि यदि आपने बिल्वपत्र के पेड़ को घर के आसपास लगा लिया तो आपको कई तरह के फायदे होंगे। बिल्वपत्र के वृक्ष को श्रीवृक्ष के नाम से भी जाना जाता है। इसके घर के पास होने से धन-समृद्धि के योग बनते हैं।
 
इसके अलावा, केला, आंवला, कदंब, नींबू, तुलसी, बरगद और आम का वृक्ष भी लगा सकते हैं जिसके कई फायदे हैं। 
 
हरियाली अमावस्या के दिन पौधा रोपण या वृक्षारोपण का बहुत महत्व है। आम, आंवला, केला, नींबू, तुलसी, पीपल, वटवृक्ष और नीम के पौधों को रोपने का विशेष महत्व बताया गया है। वृक्ष रोपण करने ग्रह नक्षत्र और पितृदोष शांत हो जाते हैं। पेड़-पौधे हमारी आस्था के साथ ही हमारे जीवन शक्ति से भी जुड़े हुए हैं। मान्यतानुसार अलग-अलग पेड़-पौधों में विभिन्न देवताओं का भी वास माना गया है। 
 
ज्योतिष के अनुसार जिन नक्षत्रों में पौधारोपण करना शुभ होता है वे इस प्रकार हैं:-
 
रेवती, रोहिणी, मृगशिरा, उत्तराषाढा, उत्तरा भाद्रपदा, अनुराधा, पुष्य, चित्रा, उत्तरा फाल्गुनी, श्रवण, हस्त, विशाखा, मूल और अश्विनी। अत: इस दिन इनका पौधारोपण या वृक्षारोपण करना अतिशुभ माना गया है।
 
- पीपल, नीम, बेल, नागकेशर, गु़ड़हल और अश्वगंधा (संतान प्राप्ति)
 
- ब्राह्मी, पलाश, अर्जुन, आंवला, सूरजमुखी, तुलसी (आरोग्य)
 
- अशोक, अर्जुन, नारियल और वट वृक्ष (ऐश्वर्य और सौभाग्य)
 
- आंकड़ा, शंखपुष्पी, पलाश, ब्राह्मी और तुलसी (बुद्धि)
 
- नीम, कदंब और घने छायादार वृक्ष (सुख प्राप्ति)
 
- हरसिंगार/ पारिजात, रातरानी, मोगरा, गुलाब (आनंद)
 
- तुलसी, आंवला, केला, बेल का वृक्ष (लक्ष्मी प्राप्ति के लिए)।
 
अत: श्रावणी या हरियाली अमावस्या के दिन उपरोक्त पौधारोपण करके उनकी नियमित देखभाल करने से हर दिशा से अपार धन प्राप्ति कर सकते हैं।

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