Hanuman Chalisa

क्या है गोवर्धन पूजा विधान और शास्त्रोक्त नियम

Webdunia
गोवर्धन पूजा कार्तिक माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को मनाई जाती है। गोवर्धन पूजा कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन मनानी चाहिए लेकिन यह सुनिश्चित हो कि इस दिन संध्या के समय चंद्र दर्शन नहीं हो। परंतु यदि शाम को सूर्यास्त के समय कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन चंद्र दर्शन होने वाला है तो गोवर्धन पूजा पहले दिन करनी चाहिए।
 
यदि सूर्य उदय के समय प्रतिपदा तिथि लगती है और चंद्र दर्शन नहीं हो, तो उसी दिन गोवर्धन पूजा मनानी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हो तो गोवर्धन पूजा पहले दिन मान्य होगी।
 
जब सूर्योदय के बाद प्रतिपदा तिथि कम से कम 9 मुहूर्त तक विद्यमान हो, भले ही उस दिन चंद्र दर्शन शाम को हो जाए लेकिन स्थूल चंद्र दर्शन का अभाव माना जाए। ऐसी स्थिति में गोवर्धन पूजा उसी दिन मनाने का विधान है।

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

आदि शंकराचार्य का काल निर्धारण: 508 ईसा पूर्व या 788 ईस्वी में हुए थे शंकराचार्य?

अचानक बदलने वाली है इन 5 राशियों की तकदीर, ग्रहों का बड़ा संकेत

नास्त्रेदमस को टक्कर देते भारत के 7 भविष्यवक्ता, जानें चौंकाने वाली भविष्यवाणियां

मांगलिक दोष और वैवाहिक जीवन: क्या वाकई यह डरावना है या सिर्फ एक भ्रांति?

करियर का चुनाव और कुंडली का दसवां भाव: ग्रहों के अनुसार चुनें सही कार्यक्षेत्र

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (26 अप्रैल, 2026)

26 April Birthday: आपको 26 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 26 अप्रैल 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

मोहिनी एकादशी का व्रत रखने के 10 चमत्कारी फायदे

शनिदेव की कृपा के ये गुप्त संकेत पहचानें, जीवन में आएंगे बड़े बदलाव

अगला लेख