suvichar

जानिए चातुर्मास क्या है? क्यों वर्जित है इन दिनों ये कार्य, कौन-से नियमों का करें पालन

Webdunia
- अनिरुद्ध जोशी 'शतायु' 
 
व्रत, भक्ति और शुभ कर्म के 4 महीने को हिन्दू धर्म में 'चातुर्मास' कहा गया है। ध्यान और साधना करने वाले लोगों के लिए ये माह महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान शारीरिक और मानसिक स्थिति तो सही होती ही है, साथ ही वातावरण भी अच्छा रहता है। चातुर्मास 4 महीने की अवधि है, जो आषाढ़ शुक्ल एकादशी से प्रारंभ होकर कार्तिक शुक्ल एकादशी तक चलता है।
 
व्रत का महीना 'श्रावण' माह क्यों, जानिए
 
उक्त 4 माह को व्रतों का माह इसलिए कहा गया है कि उक्त 4 माह में जहां हमारी पाचनशक्ति कमजोर पड़ती है वहीं भोजन और जल में बैक्टीरिया की तादाद भी बढ़ जाती है। उक्त 4 माह में से प्रथम माह तो सबसे महत्वपूर्ण माना गया है।

इस संपूर्ण माह व्यक्ति को व्रत का पालन करना चाहिए। ऐसा नहीं कि सिर्फ सोमवार को ही उपवास किया और बाकी वार खूब खाया। उपवास में भी ऐसे नहीं कि साबूदाने की खिचड़ी खा ली और खूब मजे से दिन बिता लिया।

शास्त्रों में जो लिखा है उसी का पालन करना चाहिए। इस संपूर्ण माह फलाहार ही किया जाता है या फिर सिर्फ जल पीकर ही समय गुजारना होता है। उक्त 4 माह में क्या खाएं, इसकी जानकारी नीचे दी जा रही है।
 
उक्त 4 माह हैं- श्रावण, भाद्रपद, आश्‍विन और कार्तिक। चातुर्मास के प्रारंभ को 'देवशयनी एकादशी' कहा जाता है और अंत को 'देवोत्थान एकादशी'।
 
ये नियम पालें : इस दौरान फर्श पर सोना और सूर्योदय से पहले उठना बहुत शुभ माना जाता है। उठने के बाद अच्छे से स्नान करना और अधिकतर समय मौन रहना चाहिए। वैसे साधुओं के नियम कड़े होते हैं। दिन में केवल एक ही बार भोजन करना चाहिए।
 
वर्जित कार्य : उक्त 4 माह में विवाह संस्कार, जातकर्म संस्कार, गृह प्रवेश आदि सभी मंगल कार्य निषेध माने गए हैं।
 
इस व्रत में दूध, शकर, दही, तेल, बैंगन, पत्तेदार सब्जियां, नमकीन या मसालेदार भोजन, मिठाई, सुपारी, मांस और मदिरा का सेवन नहीं किया जाता। श्रावण में पत्तेदार सब्जियां यथा पालक, साग इत्यादि, भाद्रपद में दही, आश्विन में दूध, कार्तिक में प्याज, लहसुन और उड़द की दाल आदि का त्याग कर दिया जाता है।

ALSO READ: राहु काल क्या है? इस अवधि में क्या न करें जानिए खास जानकारी

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

क्या आपके मोबाइल नंबर का अंतिम अंक आपके लिए शुभ है ?

हिंदू पुराण, ज्योतिष, नास्त्रेदमस, बाबा वेंगा और भविष्‍य मालिका की 6 कॉमन भविष्यवाणियां

1914 के विश्‍व युद्ध का इतिहास दोहराएगा 2026, दोनों साल के कैलेंडर में चौंकाने वाली समानता

Mahavir Jayanti: महावीर जयंती 2026: भगवान महावीर के उपदेश और जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक बातें

Kharmas 2026: खरमास में करें 5 उपाय, पितरों को मिलेगी शांति

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (29 मार्च, 2026)

29 March Birthday: आपको 29 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 29 मार्च 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

किन राशियों के लिए खास हो सकता है 30 मार्च से 5 अप्रैल तक का समय, पढ़ें अपना साप्ताहिक भविष्यफल

Kamada Ekadashi: कामदा एकादशी 2026: जानें शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, फायदे और कब करें पारण?

अगला लेख