Hanuman Chalisa

Bhadrapada Month 2021: चातुर्मास का दूसरा महीना है भाद्रपद, जानिए क्या करें इस मास में

Webdunia
हिंदू पंचांग के अनुसार भादो का महीना शुरू हो गया है। इस महीने को भाद्रपद के नाम से भी जानते हैं। यह चातुर्मास का दूसरा महीना होता है। इस साल भादो का महीना 23 अगस्त से शुरू हो गया है और 20 सितंबर के दिन खत्म होगा। 
 
सावन में जिस तरह शिव की पूजा की जाती है उसी तरह भादों में भगवान कृष्ण और गणेश जी की पूजा की जाती है। आइए जानें भादों के महीने में क्या करना बेहतर है... 
 
भादों के महीने में शरीर की शुद्धि और पवित्रता के लिए शाकाहारी भोजन करना चाहिए।
 
इस महीने में भगवान विष्णु का ध्यान करना चाहिए। ऐसा करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।
 
इस महीन में दान पुण्य करने से काफी पुण्य मिलता है। हमें अपने सामर्थ्य के अनुसार गरीबों को कपड़े और अनाज का दान करना चाहिए।
 
भादों के महीने में पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। कोशिश करें कि इस महीने में एक बार गंगा नदी में जरूर नहाएं।
 
शास्त्रों के अनुसार इस महीने में आरामदायक चीजों का लाभ नहीं लेना चाहिए। ऐसा करने से भागवान नाराज होते हैं। भादों में पलंग पर सोने और दो बार खाना खाने से बचना चाहिए।
 
इस महीने प्याज, लहसुन खाने से बचना चाहिए और खासकर मांस और मछली का सेवन नहीं करना चाहिए।
 
भादों में शहद, दही-भात, मूली और बैंगन का सेवन वर्जित है।
 
भादों में झूठ बोलने और किसी को धोखा देने से भगवान नाराज होते हैं।
 
भादो मास का महत्व
 
चातुर्मास के दूसरे महीने को भाद्रपद कहा जाता है। यह महीना भगवान विष्णु और गणपति बप्पा की उपासना के लिए उचित होता है। इस महीने में मुख्य रूप से श्री कृष्ण जन्माष्टमी, हरतालिका तीज, गणेशोत्सव, ऋषि पंचमी, अनंत चतुर्दशी समेत कई त्योहार आ रहे हैं। यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है इसलिए विष्णु के मंत्रों का जाप करने से सभी तरह की परेशानियां दूर हो जाती हैं।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद

गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें

भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

सभी देखें

धर्म संसार

बुध ग्रह का मिथुन राशि में मार्गी गोचर, 4 राशियों के लिए रहेगा शुभ समय

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की दसवीं महाविद्या मां कमला, जानिए पूजा विधि

भड़ली नवमी 2026: इस शुभ दिन क्या करें, क्या न करें? जानिए खास जानकारी

शनि वक्री होकर रेवती नक्षत्र में, क्या भारत में आने वाला है कोई बड़ा संकट? ज्योतिषीय संकेतों से जानें

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की नौवीं देवी मां मातंगी, जानिए पूजा विधि

अगला लेख