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इंदौर में 24-26 को धर्म और आध्यात्म का महाकुंभ

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religious confrence indore 24-26 oct
भोपाल। मध्यप्रदेश के इंदौर में 24-26 अक्टूबर के बीच हो रहे धर्मों के महाकुंभ में विश्व के सभी प्रमुख धर्मों के धर्मगुरु मौजूदा परिवेश और परिस्थितियों में धर्म की उपयोगिता और उपादेयता पर संवाद करेंगे।


 

सिंहस्थ 2016 की श्रृंखला में हो रहे इस अंतरराष्ट्रीय परिसंवाद में कांची कामकोटि के शंकराचार्य, स्वामी जयेंद्र सरस्वती, आर्ट ऑफ लिविंग के श्री श्री रविशंकर और जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि जैसी हस्तियां सम्मिलित हो रही हैं।
 
आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह परिसंवाद धर्म और व्यवहारिक ज्ञान का सम्मिश्रण होगा जहां पर धर्माचार्य और शिक्षा जगत की जानी-मानी विभूतियां विश्व शांति, पर्यावरण, प्रकृति, सामाजिक न्याय, ज्ञान एवं आध्यात्म, सामाजिक सेवा तथा मानव गौरव जैसे बिंदु पर शास्त्रार्थ और उपयोगिता पर चिंतन-मनन करेंगे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान धर्म और ज्ञान के इन महानुभावों का स्वागत करेंगे।               

परिसंवाद के प्रथम दिन 24 अक्टूबर को स्वामी जयेंद्र सरस्वती द्वारा एक विशेष संबोधन किया जाएगा। इसी तरह 25 अक्टूबर को महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि शाम 6 बजे आम सत्र के मुख्य वक्ता होंगे। 26 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय परिसंवाद के समापन के दिन श्री श्री रविशंकर संबोधित करेंगे। परिसंवाद के लिए कोई नामांकन शुल्क नहीं है। इच्छुक श्रोता अपना रजिस्ट्रेशन कराकर इस परिसंवाद में सम्मिलित हो सकते हैं। नामांकन के लिए सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर सुविधा उपलब्ध है।                 
 
'मानव कल्याण के लिए धर्म' पर इस परिसंवाद में तीनों दिन सुबह 9 बजे से मुख्य सत्र के साथ-साथ छह अलग-अलग सत्र रखे गए हैं। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हर एक सत्र को इस तरह संयोजित किया गया है कि विश्व के हर प्रमुख धर्म के धर्मगुरु, शिक्षाविद और विद्वान सत्रों में विषयवार अपने धर्म, विचार और ज्ञान लोगों को बता सकें। सत्रों में बौद्ध, जैन, इस्लाम, बहाई, वैदिक परंपरा, यहूदी, ईसाई एवं विभिन्न मान्यताओं के प्रतिनिधि अपने विचार रखेंगे।
 
विश्व के 50 देशों के धार्मिक, आध्यात्मिक और शिक्षाविद इस परिसंवाद में शामिल होने जा रहे हैं। तकरीबन 75 विदेशी वक्ता परिसंवाद को संबोधित करेंगे। वक्ता के रूप में भूटान के विदेश मंत्री, श्रीलंका के मंत्री, तिब्बत के प्रधान प्रशासक, इसराइल से रब्बी के प्रतिनिधि आदि सम्मिलित होंगे। 
 
परिसंवाद के दौरान 24 अक्टूबर को 10 रसों पर आधारित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं 25 अक्टूबर को सभी धर्मों के मूल्यों पर आधारित एक मल्टीमीडिया नाट्य प्रस्तुति भी होगी। इस परिसंवाद में वेदाचार्य डेविड फ्रॉले, डॉ एके मर्चेंट, सैयद मोहम्मद अशरफ, ऑल इंडिया उलेमा एवं मशाइख बोर्ड डॉ थिक टम डक, सुल्तान शाहीन, प्रो. शॉन हिनो (चीन) जोसफ मार्थोमा एवं प्रो. वामसी जुलूरी विशेष रूप से आमंत्रित हैं। (वार्ता)

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