suvichar

शौचालय का इस्तेमाल करने पर मिलेंगे 2500 रुपए...

Webdunia
बुधवार, 1 फ़रवरी 2017 (14:14 IST)
स्वच्छ भारत के अंतर्गत खुले में शौच के ट्रेंड को बदलने के लिए एक अनोखी योजना बनी है। इसके अंतर्गत रोजाना शौचालय इस्तेमाल करने पर 2500 रुपए मिलेंगे। राजस्थान स्थित बाड़मेर के कलेक्टर सुधीर शर्मा ने इस अनोखी पहल की शुरुआत करते हुए एक स्कीम लॉन्च की, जिसमें जो परिवार रोज शौचालय का इस्तेमाल करेगा उसे 2500 रुपये हर महीने मिलेगा। 
 
फिलहाल यह योजना दो पंचायतों में शुरू की गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुधीर शर्मा ने इस बारे में कहा कि ऐसा भारत में पहली बार हो रहा है। यह बायतू और गिदा पंचायत समितियों के लाभार्थियों के लिए होगी, ताकि लोगों में रोज शौचालय का उपयोग करने की आदत बन सके। 
 
इस योजना के दौरान बायतू पंचायत के 8 परिवारों को 2500 रुपये के चेक बांटे गए। हाल में ही केयर्न इंडिया के ग्रामीण विकास संगठन के साथ एक्शन प्लान बनाया गया था। शौचालयों के निर्माण के बाद केयर्न इंडिया व ग्रामीण विकास संगठन के सदस्यों की एक टीम बनाकर इस काम का जिम्मा सौंपा गया ताकि पता चल सके कि शौचालयों का नियमित रूप से उपयोग किया जा रहा है या नहीं। इस योजना से बायतू और गिदा पंचायत के 15000 परिवारों को फायदा पहुचेगा। 
 
Show comments

जरूर पढ़ें

EPFO में बड़ा बदलाव, ₹15000 से बढ़कर ₹25000 हुई वेतन सीमा, कर्मचारियों को कितना फायदा, कितना नुकसान

BGauss C12 MaxR Electric Scooter लॉन्च, 178 Km की रेंज और 75 Kmph की टॉप स्पीड, कीमत ₹1.45 लाख

अरब सागर में भारतीय वॉरशिप से टकराया पाकिस्तानी जहाज, भारत का कड़ा एक्शन

Dominos में चूहे, Subway में वेज-नॉनवेज एक साथ, Pizza Hut और KFC में गड़बड़ी, जांच में दिखा नाम बड़े दर्शन खोटे

UPI पेमेंट सिस्टम में बड़ा बदलाव! जानिए कितना लगेगा MDR और किसे मिलेगी राहत

सभी देखें

नवीनतम

पीएम मोदी के जन्मदिन पर 7,600 दीयों से जगमगाया विश्व उमियाधाम : सीएम भूपेंद्र पटेल ने की मां उमिया की महाआरती

रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर कसेगा शिकंजा: भारत-चीन पर 100% टैरिफ लगाएंगे ट्रंप

उधमपुर में सुरक्षा बलों ने 2 आतंकवादियों को किया ढेर, इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज

एक चाय की दुकान से देश के शिखर तक: कैसी रही है पीएम नरेंद्र मोदी की संघर्षों भरी जिंदगी?

महिला-उत्पीड़न के बावजूद तालिबान के लिए स्वीकार्यता क्यों?

अगला लेख