Publish Date: Sun, 08 Jul 2018 (17:36 IST)
Updated Date: Sun, 08 Jul 2018 (17:38 IST)
चेन्नई। तमिलनाडु में यौन उत्पीड़न से स्कूली छात्रों के बचाव और अकादमिक स्तर पर अच्छा प्रदर्शन नहीं करने वाले बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य विधानसभा में एक नया विधेयक पारित किया गया है।
निजी स्कूलों को विनियमित करने के लक्ष्य के साथ 5 जुलाई को पारित तमिलनाडु निजी स्कूल (विनियमन) विधेयक 2018 का अभिभावकों और शिक्षाविदों ने स्वागत किया है। इस कानून का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उचित फीस और परीक्षाओं के सही तरीके से संचालन को सुनिश्चित करना है।
कानून की धारा 22 (3) इस बात को सुनिश्चित करती है कि कोई भी निजी स्कूल खराब अकादमिक प्रदर्शन के आधार पर किसी छात्र को बोर्ड परीक्षा में शामिल होने से नहीं रोक सकता है। इस नए कानून के प्रावधानों का जान-बूझकर पालन नहीं करने पर 1 साल तक की जेल या 5 लाख रुपए का जुर्माना या दोनों हो सकता है। (भाषा)