Publish Date: Thu, 30 Nov 2017 (23:58 IST)
Updated Date: Fri, 01 Dec 2017 (00:01 IST)
मुंबई। बलात्कार पीड़िता 13 साल की एक लड़की ने आज बंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपने 26 हफ्ते के भ्रूण का गर्भपात करने की इजाजत मांगी।
लड़की के पिता ने इस आधार पर उसके गर्भपात की इजाजत मांगी है कि वह एक शिशु को जन्म देने के लिए शारीरिक रूप से सक्षम नहीं है और इसलिए उसे मानसिक एवं शारीरिक कष्ट से बचाया जाए, जिसका गर्भावस्था के दौरान उसे सामना करना पड़ सकता है।
लड़की के पिता की याचिका पर न्यायमूर्ति शांतनु केमकर और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की एक पीठ ने नगर निकाय संचालित केईएम हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की मेडिकल बोर्ड को उसकी मौजूदा स्वास्थ्य की जांच करने का निर्देश दिया है ताकि यह पता चल सके कि अभी गर्भपात करना सुरक्षित होगा या नहीं।
देश में चिकित्सीय गर्भ समापन कानून के तहत 20 हफ्ते बाद गर्भपात की इजाजत नहीं है। याचिका के मुताबिक लड़की से उसके रिश्ते के भाई ने बार - बार बलात्कार किया था जो उसके ही घर में रहा करता था। लड़की के गर्भवती होने की बात सात नवंबर को सामने आई जब उसने पेट दर्द होने की शिकायत की और उसे एक डॉक्टर के पास ले जाया गया। इसके बाद 17 नवंबर को पुलिस ने एक प्राथमिकी दर्ज की।
याचिकाकर्ता ने कहा कि अवांछित गर्भ को जारी रखने के लिए लड़की को मजबूर करना उसे उसके मूल अधिकारों से वंचित कर देगा। याचिका में इस शोध का भी जिक्र किया गया है, जिसमें दावा किया गया है कि 10 से 14 साल की माताओं की मौत होने का जोखिम 20 साल से अधिक उम्र की माताओं की तुलना में पांच गुना ज्यादा हो सकता है।