Publish Date: Wed, 10 May 2017 (16:49 IST)
Updated Date: Wed, 10 May 2017 (16:54 IST)
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) में पंजाब विधानसभा तथा दिल्ली नगर निगम चुनावों में हार के बाद इसके अपने ही नेताओं का पार्टी हाईकमान के खिलाफ मोर्चा खोल देने से मचा घमासान फिलहाल थमता नहीं दिखाई दे रहा है और इसकी आंच अब पंजाब तक आ पहुंची है।
प्रदेश में पार्टी के संयोजक रहे गुरप्रीत सिंह वड़ैच (घुग्गी) की जगह सांसद भगवंत मान को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने से अब पंजाब इकाई में भी विरोध के स्वर बुलंद हो गए हैं और पार्टी बिखरने लगी है। बिखराव की शुरुआत करते हुए वड़ैच ने बुधवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
बड़ैच ने कहा कि वह पार्टी की कार्यप्रणाली से व्यथित हैं। अगर उन्हें पार्टी के संयोजक पद से हटाना ही था तो उन्हें कम से कम इस्तीफा देने का मौका दिया जाना चाहिए था। उन्होंने खुद को संयोजक पद से हटाए जाने को अपमानजनक बताया।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व विधायक सुखपालसिंह खैरा भी पार्टी के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे चुके हैं। हालांकि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे अस्वीकार कर दिया है।
उधर पार्टी के निवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष भगवंत मान ने वरिष्ठ नेता उपकारसिंह संधू को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते आज पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया। उन्होंने यहां जारी एक बयान में कहा कि कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ हैं लेकिन पार्टी विरोधी गतिविधियां तथा अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि संधू पंजाब विधानसभा के साथ हुए अमृतसर लोकसभा उपचुनाव में आप के उम्मीदवार थे। आप में आने से पूर्व वह शिरोमणि अकाली दल में थे। (वार्ता)