Publish Date: Mon, 18 Mar 2019 (19:49 IST)
Updated Date: Mon, 18 Mar 2019 (19:59 IST)
नोएडा। केंद्रीय संस्कृति मंत्री और भाजपा सांसद महेश शर्मा ने गौतमबुद्ध नगर में एक चुनाव अभियान के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पप्पू और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को 'पप्पू की पप्पी' कहा जिसे लेकर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया की और इसे निंदनीय बताया।
अपने संसदीय क्षेत्र के सिकंदराबाद इलाके में शर्मा की विवादित टिप्पणी का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर चल रहा है जिसमें वे न सिर्फ गांधी परिवार के राजनेताओं बल्कि बसपा अध्यक्ष मायावती, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत क्षेत्रीय नेताओं की आलोचना करते हुए दिख रहे हैं। भाजपा और राहुल गांधी के विरोधी अक्सर आम बोलचाल की भाषा में उनका मजाक 'पप्पू' कहकर उड़ाते हैं।
शर्मा ने 16 मार्च को अपने समर्थकों को दिए भाषण में कहा कि पप्पू कहता है कि मैं प्राइम मिनिस्टर बनूंगा। मायावती, अखिलेश यादव, पप्पू और अब 'पप्पू की पप्पी' भी आ गई हैं। वो प्रियंका क्या पहले हमारे देश की बेटी नहीं थी? कांग्रेस की बेटी नहीं थी क्या? आगे नहीं रहेगी क्या? क्या नया लेके आई है? यह वीडियो तब से ही सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर चल रहा है।
शर्मा ने कहा कि क्षेत्रीय राजनेताओं जैसे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके कर्नाटक के समकक्ष एचडी कुमारस्वामी से स्थानीय लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ेगा, भले ही वे यहां आकर नाचें या गाएं। मंत्री ने कहा कि अगर ममता बनर्जी यहां कथक करें, कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी आएं और यहां गाना गाएं तो उन्हें कौन सुनने जा रहा है? उनके पास सिर्फ 72 सीटें (लोकसभा में) हैं। उन्हें 200 और (बहुमत के लिए) कहां से मिलेगी?
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और पश्चिमी उत्तरप्रदेश के सहप्रभारी धीरज गुर्जर ने इस टिप्पणी के लिए मंत्री की आलोचना की है। गुर्जर ने बताया कि जैसे उनके विचार हैं, वैसे ही उनके शब्द हैं। ऐसे जिम्मेदार पद पर रहते हुए शर्माजी ने एक महिला के खिलाफ ऐसी टिप्पणी की है और यह निंदनीय है। भाजपा को खुद उनके खिलाफ कुछ कार्रवाई करनी चाहिए।
संपर्क किए जाने पर केंद्रीय मंत्री के एक प्रतिनिधि ने कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। शर्मा ने अपने भाषण में यह भी दावा किया कि विपक्षी नेता केंद्र में एक मजबूत नहीं बल्कि कमजोर सरकार चाहते हैं। वे पप्पू का समर्थन करना चाहते हैं, जो पप्पू बनकर ही रह गया है। उन्होंने नेहरू-गांधी परिवार को शीर्ष पर रखने के लिए कांग्रेस की आलोचना की।
उन्होंने पूछा कि पहले नेहरू, फिर राजीव गांधी, फिर संजय गांधी, उसके बाद राहुल और अब प्रियंका। और अगर कोई और होगा, तो वह भी गांधी ही होगा। क्या वे देश पर कोई एहसान कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि अगर आप उनसे ऊपर उठना चाहते हैं, तो आप सिर्फ एक बाघ को देख सकते हैं और वे हैं (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी। गौतमबुद्ध नगर सीट पर 11 अप्रैल को पहले चरण में चुनाव होना है। (भाषा)