Publish Date: Sun, 18 Nov 2018 (09:33 IST)
Updated Date: Sun, 18 Nov 2018 (10:52 IST)
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी तो विपक्ष में बैठी भारतीय जनता पार्टी जमकर समाजवादी पार्टी के ऊपर यह आरोप लगाते हुए नहीं थकती थी कि समाजवादी पार्टी के विधायक खुलकर गुंडई करते हैं लेकिन अब वहीं भारतीय जनता पार्टी जब सत्ता में काबिज है तो पार्टी के आलाकमान अपने ही विधायकों पर नियंत्रण रखने में नाकामयाब होते दिख रहे हैं।
इसका जीता जागता उदाहरण लखीमपुर खीरी में देखने को मिला। एक वायरल ऑडियो के अनुसार भाजपा की एक महिला विधायक टेलीफोन के जरिए एक कोतवाली प्रभारी को जूते से मारने की बात कहती नजर आ रही है। जब कोतवाली प्रभारी ने इसका विरोध किया तो सत्ता की हनक दिखाते हुए महिला विधायक ने उसे लाइन हाजिर करवा दिया।
मिली जानकारी के अनुसार लखीमपुर खीरी की श्रीनगर क्षेत्र की विधायक मंजू त्यागी और कोतवाली प्रभारी फूलबेहड़ विद्याराम दिवाकर के बीच हुए बातचीत के हो रहे वायरल आडियो के मुताबिक बातों ही बातों में जूतों से मारने की धमकी दी।
विधायक ने कहा कि तुम पागल के पागल ही रहोगे क्या? यहीं से तुम्हारे ऊपर जूता चलाएं क्या? इसके बाद इंस्पेक्टर विद्याराम दिवाकर ने कहा कि आप जिस भाषा में बात कर रही हैं यह शोभनीय नहीं है आप मेरा तबादला करा दो। इसके बाद एसपी ने इंस्पेक्टर को लाइन हाज़िर कर दिया।
बताया जाता है कि किसी मामले का फैसला करने के लिए विधायक की बात को कोतवाल अनसुना कर रहे थे। इस मामले पर फोन में बात करते हुए विधायक मंजू त्यागी ने कहा कि जिस कार्यकर्ता के लिए मैंने फोन किया था वह पार्टी के जमीनी और बहुत पुराने कार्यकर्ता हैं। इंस्पेक्टर फूलबेहड़ द्वारा लगातार कार्यकर्ताओं के अपमान की सूचनाएं मिल रही थीं इसलिए मैंने अपने तेवर थोड़े तल्ख किए। मुझे नहीं मालूम कि कौन सी आडियो क्लिप वायरल हो रही है। ऐसा मैंने कुछ नहीं कहा जिससे किसी की भावनाएं आहत हों।
वहीं पुलिस अधीक्षक राम लाल वर्मा ने कहा कि उनके साथ अगर कोई घटना घटित हुई थी तो उसकी जानकारी लिखित में पुलिस विभाग को दी जानी चाहिए थी लेकिन उन्होंने ऐसा ना करते हो ऑडियो को वायरल कर दिया जो अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। उनके इस कारनामे से पुलिस की छवि धूमिल हुई है जिसके चलते कार्रवाई की गई है।