suvichar

अवैध संबंधों के चलते पत्नी समेत तीन को गोली मारी

Webdunia
गुरुवार, 30 नवंबर 2017 (14:28 IST)
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एक कांस्टेबल ने अपनी पत्नी, एक सहकर्मी और उसकी पत्नी की गुरुवार को गोली मारकर हत्या कर दी।
 
किश्तवाड़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अबरार अहमद चौधरी ने बताया कि बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात  लगभग दो बजे पुलिस को शालीमार चौक में एनएचपीसी कालोनी स्थित सीआईएसएफ क्वार्टर में गोलीबारी की सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि डीएचईपी शालीमार सीआईएसएफ कंपनी के कांस्टेबल इंगलप्पा श्रींदर ने अपनी पत्नी लावण्या, अपने सहकर्मी कांस्टेबल राजेश किकाहने और उसकी पत्नी शोभा की अपनी सर्विस राइफल से गोली मारकर हत्या कर दी। 
 
चौधरी ने बताया कि इस संबंध में हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और हत्या के लिए इस्तेमाल की गई राइफल भी बरामद कर ली गई है। 
 
उन्होंने बताया कि जम्मू से फॉरेंसिक टीम के विशेषज्ञों को जांच के लिए बुलाया गया है। हत्या के पीछे आरोपी की पत्नी और सहकर्मी कांस्टेबल के बीच विवाहेतर संबंधों को कारण माना जा रहा है। (वार्ता)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

बहन से राखी बंधाकर गया था दिल्‍ली, वापस नहीं लौटा देवास का अर्पित, लापरवाही ने ले ली 18 साल के बेटे की जान

Electric Scooter : Simple Wave का Review, दमदार परफॉर्मेंस के साथ 243 KM तक रेंज, खूबियां और कीमत भी जानना जरूरी

ChatGPT Users के लिए बड़ी खबर, Plus सब्सक्राइबर्स के लिए GPT-6 Astra का रोलआउट शुरू, जानिए कैसे मिलेगा एक्सेस

LPG Cylinder Booking Rule Changed : अब गांव-शहर में 25 दिन बाद बुक होगा घरेलू गैस सिलेंडर, सरकार ने दी बड़ी राहत

कौन है हरिराम बंसल जिसे दिल्ली बिल्डिंग हादसे में पुलिस ने किया गिरफ्तार?

सभी देखें

नवीनतम

‘नाराज फूफा जी चिल्लाएंगे- ट्रक वालों का क्या होगा?’ PM मोदी का तंज, फ्रेट कॉरिडोर पर गिनाईं उपलब्धियां

सऊदी ठिकानों पर हूथी हमले, 73 नागरिक घायल

उत्तराखंड सरकार का बड़ा कदम: पहले दो बच्चों के जन्म पर महिलाओं को मिल रही 'महालक्ष्मी किट', जानिए क्या है इस योजना में खास

यात्री परिवहन विजन समिट-2026 में तय होगी मोबिलिटी की नई दिशा, 8 सत्रों में होगा मंथन

बिहार में बाढ़ का भयंकर रूप: 13 जिलों में 27 लाख लोग प्रभावित, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

अगला लेख