बिहार का टॉपर गणेश कुमार गिरफ्तार
Publish Date: Fri, 02 Jun 2017 (22:03 IST)
Updated Date: Fri, 02 Jun 2017 (22:37 IST)
पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) की इंटरमीडिएट परीक्षा के कला संकाय के टॉपर गणेश कुमार को उम्र कम करने के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा में शामिल होने के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
इंटर कला संकाय के टॉपर गणेश की कलई कल उस समय खुल गई जब उससे उसके एक विषय संगीत के बारे में पूछे गए मौलिक सवाल का वह जवाब नहीं दे सका था। उससे सरगम सुनाने को कहा गया तब उसने हरमोनियम पर इस तरह सुर लगाए जिससे यह साफ पता चलता है कि उसे सुर-ताल की कोई जानकारी नहीं है। बीएसईबी द्वारा गणेश के परीक्षा परिणाम को निलंबित करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
बीएसईबी के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि उम्र छुपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा में शामिल होने और गलत सूचनाएं देने के आरोप में इंटरमीडिएट के कला संकाय के टॉपर गणेश का परीक्षा परिणाम निलंबित करने के साथ ही उसके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज करने का आदेश दिया गया है।
किशोर ने कहा कि इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए गणेश ने समस्तीपुर के आरएनजेएसएन उच्च माध्यमिक विद्यालय से पंजीकरण कराया था। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय की मान्यता भी रद्द कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में पाया गया कि इस विद्यालय ने ही गणेश को फर्जी दस्तावेजों के साथ परीक्षा में शामिल होने में मदद की थी।
बीएसईबी अध्यक्ष ने कहा कि प्राथमिकी जांच के दौरान पाया गया कि गणेश ने वर्ष 1990 में संयुक्त बिहार के गिरिडीह के एक विद्यालय से मैट्रिक की परीक्षा में शामिल होने के लिए पंजीकरण कराया था और उसने अपनी जन्म का वर्ष 1975 दर्ज कराया था। उन्होंने कहा कि गणेश ने दुबारा वर्ष 2015 में मैट्रिक की परीक्षा दी और उसके बाद वर्ष 2017 में इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल हुआ।
किशोर ने कहा कि वर्ष 2015 में मैट्रिक की परीक्षा में शामिल होने के लिए जिस विद्यालय ने गणेश का पंजीकरण किया उस स्कूल की मान्यता रद्द की जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1990 में मैट्रिक के प्रमाण पत्र में उसने अपना नाम गणेश राम लिखवाया था लेकिन बाद में वर्ष 2015 की परीक्षा में उसने अपना नाम बदलकर गणेश कुमार कर लिया।
बीएसईबी अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि इंटर की परीक्षा में गणेश की उत्तर पुस्तिका में कोई छेड़छाड़ नहीं हुई और उसे अंक भी उसके द्वारा लिखे गए उत्तर के आधार पर ही दिया गया। उन्होंने कहा कि गणेश को प्राप्त हुए अंकों की बदौलत टॉप करने में समिति को कोई संदेह नहीं है, लेकिन फर्जी दस्तावेज के साथ परीक्षा में शामिल होने और गलत सूचना देने के आरोप में गणेश के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
उल्लेखनीय है कि पिछले मंगलवार को जब 12वीं की परीक्षा का परिणाम जारी किया गया तब 12 लाख 40 हजार 168 परिक्षार्थियों में से आठ लाख तीन हजार 53 छात्र फेल हो गए। (वार्ता)
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