Publish Date: Tue, 27 Jun 2017 (08:56 IST)
Updated Date: Tue, 27 Jun 2017 (09:01 IST)
पटना। राष्ट्रपति चुनाव में जदयू द्वारा रामनाथ कोविंद का समर्थन करने संबंधी घोषणा के बाद से बिहार की राजनीति में बवाल मचा हुआ है। हालांकि राजद ने इस मामले में कुछ नरम रुख अख्तियार करते हुए अपने एक प्रवक्ता को हटा दिया। पार्टी ने अपने एक बड़बोले विधायक भाई बीरेन्द्र को भी चेतावनी दी जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधे हुए थे।
बिहार के राजद प्रमुख रामचंद्र पुरबे ने अशोक सिन्हा को पद से हटा दिया जो बतौर प्रवक्ता अक्सर समाचार चैनलों पर पार्टी के विचार रखते देखे जाते थे। मनेर से विधायक भाई बीरेन्द्र को भी राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड आवास पर तलब किया गया।
राज्य में महागठबंधन के दोनों दलों के बीच वाकयुद्ध राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की उस टिप्पणी से शुरू हुआ था जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति पद के राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन करने के जनता दल यू के फैसले को ऐतिहासिक भूल करार दिया था। इस पर जदयू प्रमुख नीतीश कुमार ने भी यह स्पष्ट कर दिया था कि वह अपने फैसले से पीछे हटने नहीं जा रहे हैं।
राजद के उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह और विधायक भाई बीरेन्द्र, नीतीश कुमार और जनता दल यू के खिलाफ टिप्पणी करने का कोई मौका नहीं जाने देते थे लेकिन मामले ने उस समय गंभीर मोड़ ले लिया जब उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी की जिसे नीतीश कुमार के खिलाफ देखा गया। (भाषा)